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Gurugram News: गिरफ्तारी की डर दिखाकर घर में किया कैद, 11 लाख रुपये भी ठगे

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पुलिस अधिकारी बन की थी वीडियो कॉल, मामले में संलिप्त होने की बात कहकर डराया
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना पूर्व क्षेत्र में जालसाज ने पुलिस अधिकारी बनकर व्यक्ति को वीडियो कॉल करके डिजिटल अरेस्ट किया और गिरफ्तारी का डर दिखाकर 11 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।
सेक्टर-51 की आर्किडायल आइलैंड निवासी अमिताभ दत्ता ने बताया कि 14 जुलाई को अनजान नंबर से उसके पास वीडियो कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया। उन्हें एक मामले में संलिप्त होने की बात कहकर गिरफ्तारी का डर दिखाया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने जालसाज के बताए अलग-अलग खातों में करीब 11 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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बैंककर्मी बन युवक से ठगे 80 हजार रुपये
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना मानेसर क्षेत्र में जालसाज ने इंडसइंड बैंक का कर्मी बनकर युवक से 80 हजार रुपये ठग लिए। पंजाब के मोहाली-डेरा बस्सी के अमन स्याल ने बताया कि वह गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर स्थित कंपनी में नौकरी करते हैं। 4 जून को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को इंडसइंड बैंक का कर्मचारी बताया और अमन स्याल के इंडसइंड क्रेडिट कार्ड पर चल रहे इंश्योरेंस को बंद करने के लिए कहा। इसके लिए मोबाइल में एप डाउनलोड कराया और क्रेडिट कार्ड से 80 हजार रुपए की ट्रांजेक्शन कर ली। रुपये कटने की जानकारी मिलते ही अमन स्याल ने अपना क्रेडिट कार्ड बंद करवा दिया। साइबर अपराध थाना मानेसर की पुलिस मामले की जांच कर रही है। ब्यूरो

लोन पास कराने में डूब गए 90 हजार रुपये
गुरुग्राम। जालसाज ने बैंककर्मी बनकर लोन देने का झांसा देकर मारुति कंपनी में काम करने वाले युवक से 90,192 रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित युवक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
लोकरी गांव निवासी जगत सिंह ने बताया कि 22 मई को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने बताया कि वह यस बैंक से शिव ठाकुर बोल रहा है। उसने जगत सिंह से पर्सनल लोन लेने के बारे में पूछा। उन्होंने सात लाख रुपये की जरूरत बताई जिसके बाद जगत सिंह की उसके साथ व्हाट्सएप पर चैट शुरू हो गई।
कॉल करने वाले ने जगत सिंह को लोन पास कराने का लेटर और ईएमआई की जानकारी भेजी। 26 मई को हेल्थ इंश्योरेंस के रूप में लिंक भेजकर नौ हजार रुपये की पेमेंट कराई। इसके बाद 27 मई को जगत सिंह ने जीएसटी के रूप में 21 हजार रुपये जमा कराए। 28 मई को दो ईएमआई के रूप में 3,096 व 27,000 रुपये जमा कराए। 29 मई को जगत सिंह को कहा गया कि पेमेंट अलग-अलग मद के बजाय एक बार में करनी होगी तो उसने 30,096 रुपये एक साथ जमा कराए गए।
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इसके बाद दो जून को जगत सिंह के व्हाट्सएप पर 7,74,184 रुपये के चेक का फोटो शेयर किया गया। जालसाज ने जगत को बताया कि किसी कारण से यह राशि उसके बैंक खाते में भेजी नहीं जा पा रही है। ऐसे में जगत सिंह को 54 हजार रुपये भेजने होंगे। इसके बाद जगत सिंह को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। - ब्यूरो
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