- कमरे से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट, पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में लिया
अमर उजाला ब्यूरो गुरुग्राम। सिटी गुरुग्राम थाना के अंतर्गत रोशनपुरा में किराये के कमरे में एचडीएफसी बैंक के असिस्टेंट मैनेजर ने 23/24 फरवरी की रात को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस ने एफएसएल व फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की टीमों से कमरे से निरीक्षण कराया। अभी तक आत्महत्या के सही कारणों का पता नहीं चला है और न ही कमरे से कोई सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने मृतक के मोबाइल को कब्जे में लिया है।
मृतक की पहचान रीवा (मध्य प्रदेश) के रेड़ा गांव निवासी शैलेंद्र कुमार द्विवेदी (25) के रूप में हुई है। वह गुरुग्राम के सेक्टर-66 स्थित एचडीएफसी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर था। पांच माह पहले ही मध्य प्रदेश के रीवा से गुरुग्राम में तबादला हुआ था।
शैलेंद्र कुमार द्विवेदी सदर बाजार के पास रोशनपुरा में अपने चाचा के साथ रोशनपुरा क्षेत्र में किराये के कमरे में रहता था। उसका चाचा राधे कृष्ण भी गुरुग्राम के सदर बाजार स्थित हनुमान मंदिर में पुजारी हैं। सोमवार की देर शाम तक बैंक में एक सहकर्मी ने कई बार शैलेंद्र कुमार द्विवेदी को कॉल की थी, लेकिन काॅल रिसीव नहीं हुई। रात में जब चाचा राधे श्याम कमरे पर पहुंचे तो शैलेंद्र कुमार द्विवेदी को कमरे में पंखे से चुन्नी से फंदे पर लटके हुए पाया। शैलेंद्र कुमार द्विवेदी के चाचा ने उसको फंदे से लटका हुआ देखा तो उसे चुन्नी काटकर फंदे से उतारकर सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने नागरिक अस्पताल से शव को कब्जे में लिया। पुलिस को मौके से शैलेंद्र का मोबाइल भी मिला था। लॉक होने के कारण पुलिस मोबाइल को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजेगी।
मृतक के चाचा राधे श्याम ने पुलिस को बताया कि तीन दिन पहले शैलेंद्र कुमार ने उनसे किसी लड़की के बारे में चर्चा की थी। शैलेंद्र कुमार उनको उक्त लड़की की कुंडली भी दिखाना चाहता था। शैलेंद्र किस लड़की के बारे में बात कर रहा था, उसके बारे में चाचा राधे श्याम को भी जानकारी नहीं है। उनके भतीजे ने किसी परेशानी को लेकर कोई बात साझा नहीं की थी। ऐसे में उनके भतीजे शैलेंद्र कुमार ने फंदा क्यों लगाया, इसके बारे में पता नहीं चला है।
वर्जन
जांच अधिकारी एसआई सुरेंद्र ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। मामले की छानबीन की जा रही है। सहकर्मियों और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल, व्हाट्सएप मैसेज सहित अन्य जानकारी ली जाएगी। कोई संदिग्ध बात सामने आती है तो उसी आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।