31 फरवरी 2025 तक कुल 2174 मामले लंबित थे, जिन्हें निपटा दिया गया है।
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी गुरुग्राम (हरेरा) ने 2018 से 2024 तक की लंबित शिकायतों का निपटारा कर दिया है। अब अथॉरिटी के समक्ष केवल 2025 और उसके बाद के मामले ही लंबित हैं। अथॉरिटी के अनुसार, 31 फरवरी 2025 तक कुल 2,174 मामले लंबित थे, जिन्हें निपटा दिया गया है।
एक बयान में हरेरा गुरुग्राम ने कहा कि मामलों के निपटारे में ‘प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों’ का पालन किया जाता है। वर्तमान में मामलों के निपटारे में 12 से 15 महीने का समय लगता है जिसे घटाकर 6 से 9 महीने तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। 2025 में अथॉरिटी ने 5024 शिकायतों पर निर्णय सुनाए। मामलों के गुण-दोष के आधार पर खरीदारों को रिफंड या देरी से कब्जा देने पर डीपीसी प्रदान किए गए।
प्राधिकरण का कहना है कि सभी मामलों में कानून के शासन और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाता है। हरेरा गुरुग्राम ने स्वीकार किया कि पहले उसके पास लंबित मामलों का बड़ा बैकलॉग था, जिसके निपटारे में समय लग रहा था, लेकिन अब इसमें उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध रेरा स्टेटस ट्रैकर के अनुसार, शिकायतों के निपटारे के प्रतिशत में हरेरा गुरुग्राम देश में सबसे आगे है। रेरा उत्तर प्रदेश में 86.71 प्रतिशत मामलों का निपटारा, रेरा महाराष्ट्र में 82.03 प्रतिशत, रेरा गुरुग्राम में 93.62 प्रतिशत और रेरा कर्नाटक में 81.54 प्रतिशत है।
राज्यों के अनुसार निपटारा दर:
उत्तर प्रदेश: 60,021 में से 52,047 मामलों का निपटारा (86.71%)
महाराष्ट्र: 34,485 में से 28,289 मामलों का निपटारा (82.03%)
गुरुग्राम: 17,893 में से 16,753 मामलों का निपटारा (93.62%)
कर्नाटक: 12,904 में से 10,522 मामलों का निपटारा (81.54%)
(स्त्रोत-आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय)
हरेरा गुरुग्राम में वर्षवार लंबित मामले (अब निपटाए गए):
2018 – 15
2019 – 28
2020 – 10
2021 – 74
2022 – 333
2023 – 654
2024 – 1060