इस पूरे मुद्दे पर प्रदेश के दिग्गज कांग्रेसी नेता व हरियाणा सरकार में पूर्व मंत्री रहे कैप्टन अजय यादव कहते हैं कि कोरोना काल में फैली अव्यवस्था, किसान आंदोलन, पेपर लीक मामले समेत कई अन्य मुद्दे हैं, जिसको लेकर राज्य की जनता में जबरदस्त आक्रोष है। जजपा भी इस बात को भलीभांति समझ रही है और यही वजह है।
कि अजय चौटाला परिवार की एकता के मुद्दे को अब हालातों पर छोड़ रहे हैं। हालांकि, कैप्टन अजय यादव ने साफतौर पर कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ओमप्रकाश चौटाला अब इन्हें स्वीकार करेंगे। बकौल अजय यादव जजपा की लोकप्रियता सिमट रही है। इनके नेता गांव में घुंस नहीं पा रहे हैं। सरकार की तारीफ में अजय चौटाला के बयानों से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं हैं।
किसान आंदोलन के विरोध को लेकर सहज नहीं जजपा
सरकार में जजपा भले की साझीदार हो लेकिन किसान आंदोलन को लेकर शुरू से ही जजपा के नेता सहज नहीं रहे हैं। कई मौजूदा विधायक पार्टी फोरम पर किसान आंदोलन के समर्थन में अपनी बात भी रख चुके हैं। यही वजह है कि जजपा अध्यक्ष अजय चौटाला किसानों व केंद्र सरकार के बीच बातचीत के लिए मध्यस्थता करने की भी पेशकश कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसान नेता केंद्र सरकार से चर्चा करना चाहते है तो हम केंद्र से बातचीत करके मध्यस्थता करवाने के लिए तैयार हैं।