गुरुग्राम के 27 जबकि प्रदेश भर के 370 भ्रष्ट पटवारी का नाम शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रदेश सरकार ने राजस्व विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश भर में 370 भ्रष्ट पटवारियों की एक गोपनीय सूची तैयार कर अलग-अलग उपायुक्त को भेजी गई है। इसमें गुरुग्राम जिले के 27 पटवारी शामिल हैं। जिन पर निजी सहायक रखकर उनसे काम करवाने व उनकी ओर से लेन-देन की बात कही गई है। यह सूची सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसका असर नजर आने लगा है।
चार दिन पुराने इस आदेश में राजस्व विभाग के पटवारी की सूची में गुरुग्राम जिले के 27 पटवरी का नाम शामिल है। इसमें से 26 लोगों ने सहायक रखा है। इंतकाल का चार से पांच हजार रुपया और फर्द व नक्शा बनाने का 200 से 500 रुपया घूस लिया जाता है। वायरल सूची में दौलताबाद व उसके आस-पास के पटवारी के पास दो निजी सहायक रखने व बसई की एक महिला पटवारी के पास निजी सहायक न होने की बात लिखी है। राजस्व विभाग में काम कराने वाले लोग पटवार भवन का चक्कर काटते रहते हैं। पटवारी उनको मौके पर मिलता नहीं है। वह सहायक न रखें तो लोग अपने काम के लिए चक्कर ही लगाते रह जाएगा। अपने काम के लिए पटवारी के पास काम कराने आने वाले लोगों की माने तो उनका कहना है कि सब कुछ कंप्यूटराइज्ड होने के बाद काम आसान हो जाता है। पहले उसे पटवारी के न होने की बात कही जाती है, बाद में बिजली व अन्य तरह का बहाना बनाकर देर की जाती है।
वर्जन
मुख्यालय की ओर से जारी पत्र के वायरल सूची की जानकारी मेरे पास भी आई है। सोमवार को इस मामले में जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार, उपायुक्त, गुरुग्राम।