निर्जला व्रत रखकर महिलाएं मनाएंगी हरितालिका तीज का पर्व
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि मंगलवार को सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु के लिए हरितालिका तीज पर निर्जला व्रत रखेंगी। इस व्रत को कठिन व्रतों में से एक माना जाता है और इसको भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित भी किया गया है। त्योहार का ही असर है कि बरसात के बावजूद सोमवार को शहर के बाजारों में चहल-पहल रही।
मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव व मां पार्वती की पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। महिलाएं व्रत रखकर भगवान शिव व माता पार्वती की पूरे विधि-विधान के अनुसार पूजा-अर्चना कर अपने पति की दीर्घायु के लिए कामना भी करेंगी। व्रती महिलाएं रातभर जागकर भगवान शिव की स्तुति करेंगी। धार्मिक ग्रंथों में भी उल्लेख है कि महिलाओं को 16 शृंगार का सामान सुहागिन महिलाओं को दान करना चाहिए।
सदर बाजार, खांडसा मार्केट, रेलवे स्टेशन स्थित सब्जी मंडी समेत शहर के अन्य बाजाराें में दिन में बारिश के बावजूद भीड़भाड़ नजर आई।
पूजन सामग्री से सजे बाजार
हरतालिका तीज के मौके पर बांस की टोकरी में पूजन सामग्री, शृंगार की चीजें और फल रखकर पूजन और दान की परंपरा है। भगवान शिव के मिट्टी का पार्थिव बनाकर पूजन और हरतालिका व्रत कथा व्रती महिलाएं सुनती है। सदर बाजार में कच्ची मिट्टी से बने शिव लिंग और शिव परिवार की मूर्तियां भी बिक रही थी। इसके अलावा बांस की छोटी टोकरी, माता की चुननी, जनेऊ, पान, सुपारी, चूड़ियां, सिंदूर, फल से लेकर शृंगार की चीजें और परिधान आदि खरीदने के वाली महिलाओं की भीड़ लगी थी। काफी संख्या में महिलाएं मेंहदी लगवाती नजर आई। गुरुग्राम में पूर्वांचल के लोगों की एक बड़ी आबादी रहती है। अपने-अपने सामर्थ्य के अनुसार महिलाएं अपने लिए नए वस्त्र और शृंगार की चीजें भी बाजार में खरीद रही थी। शाम के वक्त हुई बारिश के बावजूद बाजारों में काफी चहल-पहल रही। सदर बाजार में आधे से ज्यादा दुकानदार भी पूर्वांचली ही हैं, इस कारण ऐसे त्योहारों के पहले बाजार का रंग पूरी तरह पूर्वांचलमय हो जाता है।