रात में पड़े ओलों के कारण गेहूं व सरसों की फसल पर पड़ेगा प्रतिकूल प्रभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। मेवात में मौसम का मिजाज लगातार दूसरे दिन भी बदला रहा। बृहस्पतिवार के बाद शुक्रवार सुबह भी बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इसी बीच शुक्रवार रात करीब 8 बजे जिले के कई हिस्सों में 20 मिनट तक ओलावृष्टि हुई, जिससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है। ओलावृष्टि ने किसानों चिंता बढ़ा दी है। इससे गेहूं व सरसों की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की चिंता किसानों को सता रही है। मेवात जिले में कुल 1.64 लाख एकड़ में गेहूं और 75,300 एकड़ में सरसों की फसल बोई गई है। शुक्रवार रात हुई ओलावृष्टि से इन फसलों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेष रूप से, सरसों की फसल कटाई के करीब है, ऐसे में ओलों से नुकसान का खतरा बढ़ गया है। वहीं, गेहूं की फसल पर भी ओलों और बारिश का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बदलते मौसम और ओलावृष्टि को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने व आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन किसानों ने कटाई नहीं की है वे कटाई तभी करें जब पौधों की पत्तियां और तने पूरी तरह सूख जाएं। कटाई के बाद फसल को सही तरीके से सुखाकर भंडारण करें। वहीं, किसानों का कहना है कि इस समय हुई ओलावृष्टि फसल को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है।