गुरुग्राम का एक्यूआई 357 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है
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संवाद न्यूज एजेंसी गुरुग्राम। वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा है। रविवार शाम जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के आंकड़ों के अनुसार गुरुग्राम देश में पांचवें स्थान पर दर्ज किया गया। धारूहेड़ा 434 के साथ सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि मेरठ 381 और भिवाड़ी 376 के साथ दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। दिल्ली 366 और गुरुग्राम का एक्यूआई 357 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण बढ़ने की मुख्य वजहों में निर्माण कार्य, बढ़ते वाहन, पराली जलाने से निकलने वाला धुआं और मौसम में ठंडक शामिल हैं। शहर के कई इलाकों सदर बाजार, सेक्टर 14, सुशांत लोक और सोहना रोड में सुबह के समय धुंध और धुएं की मोटी परत देखी गई। सेक्टर 10 स्थित नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे मरीजों में सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायतें बढ़ी हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बुजुर्ग, बच्चे और अस्थमा या फेफड़ों के मरीज अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। वहीं, जिला प्रशासन ने नागरिकों से प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की है। बढ़ते प्रदूषण ने एक बार फिर शहर के वायु गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दूसरी ओर नगर निगम शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव करा रहा है। अभी सभी सड़कों पर पैच वर्क नहीं हो सका है। जर्जर बसई रोड से धूल उड़ रही है और आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। इसी प्रकार उमंग भारद्वाज चौक से हीरो होंडा चौक तक सड़क जर्जर होने से वाहनों से धूल उड़ रही है। संबंधित विभाग द्वारा पर्याप्त पानी का छिड़काव नहीं होने दिन-रात धूल उड़ रही है।
धारूहेड़ा 434
मेरठ 381
भिवाड़ी 376
दिल्ली 366
गुरुग्राम 357
लोगों से मास्क लगाने की अपील
पीएम 2.5 और पीएम 10 बेहद सूक्ष्म कण होते हैं जो सांस के जरिये सीधे फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं। ये कण हवा में प्रदूषण का प्रमुख कारण हैं और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं। दिवाली के बाद इनकी मात्रा सामान्य से कई गुना बढ़ गई है। चिकित्सकों ने लोगों से मास्क लगाने की अपील की है ताकि इन खतरनाक कणों से बचाव किया जा सके।