9000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस एक्सप्रेसवे को चार पैकेज में पूरा किया जाना है। जिसमें एक पैकेज दिल्ली-जयपुर हाईवे से बसई-धनकोट आरओबी तक 8.76 किलोमीटर लंबाई का है। जिस पर 1859 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दूसरा पैकेज बसई-धनकोट आरओबी से लेकर हरियाणा-दिल्ली सीमा तक लगभग 10.2 किलोमीटर लंबाई का है, जिस पर 2228 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इन दोनों पैकेज का निर्माण इस वर्ष के अंत तक पूरा होने की संभावना हैै। तीसरा पैकेज हरियाणा-दिल्ली सीमा से बिजवासन में आरयूबी तक 4.20 किलोमीटर लंबाई का है। जिस पर 2068 करोड़ रुपये की लागत आएगी। चौथा पैकेज बिजवासन आरयूबी से शिव मूर्ति तक का 5.90 किलोमीटर लंबाई का है। जिस पर 2507 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दिल्ली सीमा के दोनों पैकेज अगले वर्ष अंत तक पूरे होने का अनुमान है।
देश का पहला है अर्बन रोड टनल
इस एक्सप्रेसवे की आठ लेन फ्लाईओवर के अलावा 6 लेन की सर्विस लेन भी बनाई जा रही हैं। दोनों को मिलाकर कुल 14 लेन होंगी। इसके बनने पर गुरुग्राम से दिल्ली जानेे के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। वर्तमान दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
इस एक्सप्रेसवे पर गुरुग्राम में सीपीआर और एनपीआर के जंक्शन पर मेजर क्लोवर लीफ का निर्माण किया जाएगा। दिल्ली में द्वारका के पास इस एक्सप्रेसवे पर भारत का पहला चार लेवल का इंटरचेंज बनेगा। इसमें टनल अथवा अंडरपास, ग्रेड रोड, ऐलीवेटेड फ्लाईओवर तथा उस फ्लाईओवर से ऊपर एक और फ्लाईओवर बनेगा।
इसके मार्ग में द्वारका के पास से एयरपोर्ट के लिए 3.6 किलोमीटर लंबाई की 8 लेन की टनल (सुरंग) बनाई जाएगी और यह अर्बन रोड टनल भारत में अपनी तरह की पहली होगी। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के रास्ते में आ रहे लगभग 12 हजार पेड़ ट्रांसप्लांट किए गए हैं। ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो और हरियाली बनी रहे। यह पूरा प्रोजेक्ट इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम से युक्त होगा। इस पर पूरी तरह से स्वचालित टोल सिस्टम होगा।