गुरुग्राम में 19 सीएलयू स्वीकृत, निवेशकों का रुझान दूसरे जिलों की ओर बढ़ने के संकेत
नंबर गेम - 438 भूमि उपयोग परिवर्तन की मंजूरियां जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा में औद्योगिक विकास का एक नया और संतुलित दौर शुरू हो चुका है, जहां विकास का लाभ अब राज्य के अन्य जिलों तक भी तेजी से पहुंच रहा है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की ओर से जारी चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) के हालिया आंकड़े बताते हैं कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों का दायरा बढ़ रहा है। इस साल प्रदेश भर में कुल 438 सीएलयू मंजूर किए गए हैं।
इस सूची में अपनी मजबूत औद्योगिक साख और कॉरपोरेट हब के रूप में पहचान रखने वाला गुरुग्राम 19 मंजूरियों के साथ चौथे स्थान पर है, जबकि बुनियादी ढांचे के नए विस्तार के कारण झज्जर 38 मंजूरियों के साथ पहले और पलवल 33 मंजूरियों के साथ दूसरे स्थान पर आ गया है। वहीं, करनाल 22 मंजूरियों के साथ तीसरे स्थान पर मजबूती से टिका हुआ है।
यह आंकड़े बताते हैं कि औद्योगिक निवेश के लिए अब गुरुग्राम के साथ-साथ दूसरे जिलों में भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। जमीन की उपलब्धता, औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार, सड़क संपर्क और माल ढुलाई की सुविधाएं निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हो सकते हैं। हालांकि, सीएलयू की संख्या के आधार पर ही वास्तविक निवेश या उद्योगों की स्थापना की पूरी स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता।
जिले में पहले से ही बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां, बहुराष्ट्रीय कंपनियां और कॉरपोरेट कार्यालय मौजूद हैं। दिल्ली-जयपुर हाईवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे से जुड़ाव जिले को औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बनाता है। इसके बावजूद उद्योगों के विस्तार के लिए जमीन की उपलब्धता और उसकी लागत जैसे पहलू निवेशकों के निर्णय में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में आसपास के जिलों में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार जिले के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकता है।
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उद्योग लगाने के लिए जिला चौथी पसंद है। जिले में पहले से विकसित औद्योगिक आधार, बेहतर कनेक्टिविटी और बाजार तक पहुंच इसकी प्रमुख ताकत हैं। उद्योग लगाने के लिए निवेशक जमीन की उपलब्धता, लागत, परिवहन और अन्य सुविधाओं को ध्यान में रखकर स्थान का चयन करते हैं। - अरुण गर्ग, डीजीएम, एचएसआईआईडीसी
सीएलयू की स्थिति
झज्जर : 38
पलवल : 33
करनाल : 22
गुरुग्राम : 19
पानीपत : 18
हिसार : 16
रेवाड़ी : 12
नूंह : 11
रोहतक : 9
अंबाला और कैथल : 8-8