थर्मल स्क्रीनिंग करते हुए सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
अलग-अलग शिफ्टों में गांव की सीमाओं पर दे रहे हैं ड्यूटी
ग्राम पंचायत वजीरपुर के लोग विशेषकर युवा अपने गांव के लोगों को कोरोना की चपेट में आने से रोकने के लिए अलग-अलग शिफ्टों में गांव की सीमाओं पर ड्यूटी दे रहे हैं। गांव के सरपंच खुद 5 से 6 घंटे गांव की सीमा पर पहुंचकर ड्यूटी देते है और आने जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखते हैं। इन गांव में किराये पर रहने वालों की सूची बनाई गई है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि गांव में बाहर का कोई भी व्यक्ति प्रवेश ना करे।
गांवों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए सैनिटाइजेशन किया
सरपंच शेरसिंह ने बताया कि संदिग्ध स्थानों पर छापा मारा जाता है। इसके पीछे गांव में बाहरी लोगों को ठहरने से रोकना है। वहीं ग्राम पंचायत मुनादी के माध्यम से भी ग्रामीणों को कोरोना संक्रमण संबंधी बचाव उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है। गांवों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए तीन बार सैनिटाइजेशन किया जा चुका है।
प्रत्येक व्यक्ति की हो रही है थर्मल स्कैनिंग
गांव की सीमा पर नाके लगाए गए है, जहां से गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्कैनिंग की जाती है और किसी भी अवांछित व्यक्ति को गांव में घुसने की अनुमति नहीं है। बुजुर्गों के स्वास्थ्य का विशेष तौर पर ध्यान रखा जा रहा है और उन्हें घरों से बाहर न निकलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गांव में जरूरत के सामान के लिए दुकानों का समय सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है।