गुरुग्राम-दिल्ली के बीच निर्माणाधीन बहु प्रतीक्षित द्वारका एक्सप्रेस-वे वर्ष 2023 में चालू हो जाएगा। नौ हजार करोड़ की लागत से इसका निर्माण हो रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को ट्वीट करके इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण में 2 लाख मीट्रिक टन स्टील (एफिल टॉवर में इस्तेमाल स्टील का 30 गुना) और 20 लाख घन मीटर कंक्रीट (बुर्ज खलीफा के कंक्रीट का 6 गुना) की खपत होने का अनुमान है। गडकरी ने कहा कि सरकार सड़क परियोजनाओं के लिए शेयर बाजार से धन जुटाएगी।
गुरुग्राम-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक दबाव को कम करने व द्वारका से गुरुग्राम को सीधे जोड़ने वाले इस रास्ते को हरियाणा में नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड के रूप में भी जाना जाता है। इसको देश के पहले एलिवेटेड अर्बन एक्सप्रेस-वे के रूप में बनाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने गतिशक्ति व प्रगति का हाईवे हैशटैग लांच करने के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि द्वारका एक्सप्रेस-वे दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे स्वर्णिम चतुर्भुज की दिल्ली-जयपुर-अहमदाबाद-मुंबई शाखा का एक हिस्सा है।
एनएच-48 के 50 से 60 प्रतिशत ट्रैफिक को नए एक्सप्रेस-वे पर डायवर्ट किया जाएगा। इससे सोहना रोड, गोल्फ कोर्स रोड और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर यातायात का दबाव कम होगा। गडकरी ने कहा कि मोदी सरकार विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दे रही है, जिसमें सबसे ज्यादा जोर आधुनिक कनेक्टिविटी पर है।
आठ लेन एक्सप्रेस-वे क्या खास
एक्सप्रेस-वे दिल्ली द्वारका के सेक्टर-21 से शुरू होकर शिव-मूर्ति और बसई से होते हुए एनएच-48 पर खेड़कीदौला टोल प्लाजा के पास समाप्त होता है। यह आठ लेन का एक्सेस-कंट्रोल हाईवे है, जिसमें दोनों तरफ तीन सर्विस रोड हैं। 29 किलोमीटर लंबा यह रास्ता 19 किलोमीटर हरियाणा और 10 किलोमीटर दिल्ली क्षेत्र में पड़ता है। द्वारका के सेक्टर-25 स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (आईआईसीसी) तक सीधी पहुंच होगी। सुरंग के माध्यम से आईजीआई हवाई अड्डे से जुड़ जाएंगे।
इस एक्सप्रेस-वे पर देश के शहरी क्षेत्र की पहली सबसे लंबी-चौड़ी सुरंग
बन रही है। ये 3.6 किलोमीटर लंबी और आठ लेन चौड़ी होगी। प्रमुख जंक्शनों पर चार बहु-स्तरीय इंटरचेंज होंगे। जिसमें सुरंग, अंडरपास, ग्रेड रोड, एलिवेटेड फ्लाईओवर और फ्लाईओवर के ऊपर फ्लाईओवर होंगे। इस आधुनिक रास्ते पर अत्याधुनिक इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम होगा। इसमें उन्नत यातायात और टोल प्रबंधन प्रणाली, सीसीटीवी, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम (आईटीएस) की सुविधा मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण के तहत एक्सप्रेस-वे पर 12 हजार पेड़ लगाए जाएंगे। इसके पूर्ण होने पर इंजीनियरिंग के कई शानदार निर्माण देखने को मिलेंगे। जिसमें 34 मीटर चौड़ा आठ-लेन राजमार्ग शामिल है, जोकि अपनी तरह का पहला राजमार्ग है।
एक्सप्रेसवे पर 10 किमी तक सड़क बनकर तैयार
फरीदाबाद बाईपास से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। निर्माण एजेंसी को जहां-जहां जमीन मिल गई है, वहां सर्विस रोड बनाकर यातायात को चालू कर दिया गया है। इसमें करीब 10 किलोमीटर तक सड़क बन गई है। फरीदाबाद से गुजर रहे करीब 31 किलोमीटर लंबे बाईपास रोड को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिंक रोड के रूप में विकसित किया जा रहा है। जरूरत के हिसाब से सभी मुख्य चौराहों पर अंडरपास व फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से 70 मीटर चौड़े बाईपास की मांग की थी। प्राधिकरण ने 70 मीटर जमीन कागजों में तो हस्तांतरित कर दी है। मौके पर अभी जमीन पर अवैध कब्जे, पेट्रोल पंप, झुग्गी और सरकारी ट्यूबवेल लगे हुए हैं। यहीं नहीं यहां बिजली की लाइनें भी अभी तक नहीं हटाई जा सकी हैं। इस कारण काम में रुकावट आ रही है। हालांकि एचएसवीपी की ओर से जहां जमीन उपलब्ध कराई गई, वहां सड़क बना दी गई है।
इस तरह करीब 10 किलोमीटर लंबी सड़क बनकर तैयार हो गई है। बीच के हिस्से को बैरिकेडिंग कर अंडरपास और फ्लाईओवर का काम शुरू कर दिया गया है। इसी प्रकार साहुपुरा गांव के पास बना हुआ कट एक मुख्य प्वाइंट है, जो बल्लभगढ़ क्षेत्र के दर्जनों गांवों को बल्लभगढ़ शहर से जोड़ने का काम करता है। इसलिए इस प्वाइंट पर भी अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। अंडरपास के लिए पिलर बनाने का काम कई दिन पहले पूरा हो चुका था।। गर्डर रखने का काम करने के लिए दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया था, जिससे ट्रैफिक में कोई रुकावट न आए। काम में भी किसी तरह की बाधा न हो।