नागरिक सहभागिता बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने की पहल
पार्षदों के साथ 225 लोग बने कमेटी के सदस्य इसमें आरडब्ल्यूए, डॉक्टर, वकील व समाज के अन्य लोग शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम के 36 वार्ड के लिए अलग-अलग कमेटी के गठन को मंजूरी मिल गई है। एक माह पहले सदन की बैठक में पार्षदों के साथ मिले सदस्यों के नाम को मंजूरी दी गई थी। इन कमेटियों में आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी, डॉक्टर, वकील, समाजसेवी शामिल हैं। वार्ड की आबादी संख्या के आधार पर आठ सदस्यों से लेकर 12 सदस्य रखे गए हैं। कमेटी के गठन के बाद माना जा रहा है कि नगर निगम के क्षेत्र में लंबित काम को विकास की गति मिलेगी।
हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 और म्यूनिसिपल सिटिजन पार्टिसिपेशन एक्ट-2008 के प्रावधानों के तहत नगर निगम गुरुग्राम ने शहर के सभी 36 वार्डों के लिए वार्ड समितियों के गठन का आदेश जारी किया है। यह निर्णय 29 जनवरी 2026 को आयोजित निगम बैठक में लिया गया था। इन समितियों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना, विकास कार्यों की निगरानी करना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना है।
इसका गठन होने के बाद माना जा रहा है कि विकास को गति मिलेगी। स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर रहेगा। वार्ड समितियां अपने क्षेत्र में ठोस कचरा प्रबंधन में सहयोग देंगी और सफाई व्यवस्था की निगरानी करेंगी। इसके साथ ही स्वच्छता संबंधी कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासन की मदद करेंगी। इसके साथ ही विकास योजनाओं की तैयारी, क्रियान्वयन और निगरानी रखी जा सकेगी। समितियां वार्ड स्तर पर विकास योजनाओं की तैयारी, योजनाएं लागू करने और उनकी निगरानी में सहयोग करेंगी। स्थानीय स्तर पर नवाचार, पहल और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके।
वार्ड 35 के पार्षद परमेंदर कटारिया का कहना कमेटी के गठन के बाद सौहार्द और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। समिति का एक महत्वपूर्ण कार्य विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव और एकता बनाए रखना होगा। साथ ही सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के लिए स्वैच्छिक श्रम, दान और जनसहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान में सहयोग रहेगा। वार्ड समितियाें की ओर से विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान करने में प्रशासन की सहायता करेंगी, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। सांस्कृतिक, खेल और सामाजिक गतिविधियों को मिलेगा प्रोत्साहन मिलेगा। स्थानीय स्तर पर कला, संस्कृति, खेलकूद और सामुदायिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने में भी समितियां सक्रिय भूमिका निभाएंगी। राजस्व संग्रह और सार्वजनिक सुविधाओं की देखरेख की जा सकेगी। समितियां नगर निगम के कर, शुल्क और अन्य बकाया की समय पर वसूली में सहयोग करेंगी। इसके अलावा पार्क, खेल मैदान, सड़कें और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं के रखरखाव की निगरानी भी करेंगी। स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन में सहयोग मदद मिलेगी। क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों की गतिविधियों में सहायता, रोगों की रोकथाम, परिवार कल्याण कार्यक्रम तथा महामारी या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में रिपोर्टिंग और प्रबंधन में भी समिति की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
वार्ड समितियां अपने वार्ड विकास योजनाओं और बजट की तैयारी में मदद करेंगी और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण कराएंगी। साथ ही वार्ड के आधारभूत ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का सूचकांक तैयार किया जाएगा और समय-समय पर नगर निगम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। - राजरानी मल्होत्रा, मेयर नगर निगम गुरुग्राम।
वार्ड समितियां स्थानीय स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सहभागिता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। 29 जनवरी को हुई बैठक के बाद तय कमेटी को मंजूरी दी गई है । - प्रदीप दहिया, आयुक्त नगर निगम, गुरुग्राम।