नौ हजार करोड़ की लागत से तैयार द्वारका एक्सप्रेसवे पर भी रहा जलभराव
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर की सड़कों ने तालाब का रूप ले लिया। भारी बारिश के चलते सेक्टर 32, 14, 15, 4, 7, 11, 12, शीतला माता रोड, पुलिस लाइन, बस अड्डा, मियां वाली कॉलोनी, एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन, राजीव चौक और इफ्को चौक जैसे इलाकों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया। नौ हजार करोड़ की लागत से तैयार द्वारका एक्सप्रेसवे पर भी जलभराव की समस्या देखने को मिली।
जलभराव के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई गाड़ियां बीच सड़क में बंद हो गईं और ट्रैफिक घंटों तक जाम रहा। मुख्य चौराहों और सर्विस लेन में पानी भरने के कारण वाहन चालक रेंग-रेंगकर सफर करने को मजबूर हो गए। नगर निगम की जल निकासी की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। हर साल की तरह इस बार भी बारिश ने गुरुग्राम की तैयारियों की पोल खोल दी है।
कैबिनेट मंत्री के दावे फिर फेल
बादशाहपुर के विधायक और हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कई बार दावा किया था कि बारिश के एक घंटे के भीतर शहर से पानी निकल जाएगा लेकिन हकीकत हर बार इन दावों के उलट नजर आती है। बारिश शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में पानी भर जाता है और घंटों तक जलनिकासी नहीं हो पाती। इससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गाड़ियां जाम में फंसी रहती हैं और पैदल चलने वालों को भी मुश्किल होती है।
बादशाहपुर में निर्माणाधीन बिल्डिंग की दीवार ढही
आसपास की इमारतों में दरारें, इलाके में डर का माहौल
बादशाहपुर क्षेत्र स्थित नीलकंठ एंक्लेव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक निर्माणाधीन इमारत के बेसमेंट की दीवार बारिश के दौरान ढह गई। प्रत्यक्षदर्शी राकेश कुमार ने बताया कि तेज धमाके के बाद जब लोग बाहर आए तो देखा कि दीवार गिर चुकी थी। आसपास की इमारतों में दरारें पड़ गई हैं, जिससे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की प्रभावित इमारतों को तुरंत खाली कराने के आदेश दिए।
हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन नुकसान का आकलन जारी है। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जांच की जाएगी। ठेकेदार और बिल्डिंग मालिक से पूछताछ शुरू कर दी गई है। प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था की जा रही है।
भारी बारिश में भी गुरुग्राम यातायात पुलिस डटी रही
मूसलाधार बारिश के बीच विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। यातायात पुलिस ने सतर्कता और सेवा भावना के साथ ट्रैफिक संचालन को सुचारु बनाए रखा। माता मंदिर, जैनपेक्ट चौक, हीरो होंडा चौक, राजीव चौक, मालिबु टाउन, बादशाहपुर बस स्टैंड, सिग्नेचर टावर समेत कई जगहों पर जलभराव हुआ। पुलिस उपायुक्त यातायात डॉ. राजेश मोहन के निर्देश पर सहायक पुलिस आयुक्त सत्यपाल यादव की निगरानी में अधिकारी व कर्मचारी लगातार भीगते हुए तैनात रहे। उन्होंने करीब 8-10 फंसे वाहनों को धक्का देकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और जाम हटवाया। एमजी रोड पर गिरे पेड़ को हटाकर रास्ता साफ किया गया।
नागरिक अस्पताल में भी भरा पानी
नागरिक अस्पताल परिसर में भी जगह-जगह पानी भर गया जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश का पानी ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड के बाहर तक पहुंच गया, जिससे मरीजों को फिसलन भरे रास्तों से गुजरना पड़ा। अस्पताल में आए लोगों ने साफ-सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था पर सवाल उठाए।
स्कूल जाने वाले बच्चे देरी से पहुंचे
जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। माता मंदिर, राजीव चौक, हीरो होंडा चौक, अशोक विहार, और आईएमटी जैसे इलाकों में जलभराव के कारण जाम लग गया। बसों और वैन में बैठे बच्चे घंटों तक जाम में फंसे रहे। कई जगहों पर गाड़ियां बंद हो गईं, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई। स्कूलों ने देरी से पहुंचने वाले छात्रों को छूट दी लेकिन बारिश और जाम ने बच्चों की दिनचर्या पर असर डाला।
मिनटों का सफर तय करने में लगे कई घंटे
बारिश के बाद शहर की प्रमुख सड़कों पर भारी जाम की स्थिति बनी रही। साइबर सिटी से गुजरने वाले मुख्य मार्गों, दिल्ली बॉर्डर, रेलवे रोड और ओल्ड सोहना रोड पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। मिनटों का सफर लोगों को घंटों में तय करना पड़ा। दिल्ली बॉर्डर, उद्योग विहार, ओल्ड दिल्ली रोड, सदर बाजार और सोहना चौक जैसे व्यस्त इलाकों में सुबह और शाम के समय वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
सेक्टरों और गलियों में भी भरा पानी
सेक्टर 4, 7, 5, 14, 15, 32, 37, शीतला काॅलोनी सहित कई रिहायशी इलाकों में जलभराव होने से लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गलियों में भरे पानी के कारण दोपहिया वाहन फिसले और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।