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गुरुग्राम: हरीश रावत का आरोप- उत्तराखंड की बेटियों को गुरुग्राम में नहीं मिल रहा इलाज, सीएम खट्टर ने दिया जवाब

Fri, 08 May 2020 02:33 PM IST
Kuldeep Singh न्यूज डेस्क अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
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नर्स सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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सभी बेटियों का रख रहे ध्यान, एक नर्स उपचाराधीन: मनोहर

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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बृहस्पतिवार को ट्वीट कर गुरुग्राम के सेक्टर-9 ईएसआई अस्पताल में भर्ती उनके राज्य की नर्सों की हालत पर चिंता जताई। न्होंने गुरुग्राम में निजी अस्पतालों में कार्यरत 25 नर्सों के कोरोना संक्रमित होने का हवाला देते हुए बेहतर इलाज उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया। बाद में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि ईएसआई अस्पताल में उत्तराखंड की सिर्फ एक नर्स भर्ती है।

हरीश रावत ने लगातार चार ट्वीट करते हुए कहा कि मुझे एक चिंताजनक समाचार गुरुग्राम से मिला है। उत्तराखंड की 25 बेटियां जोकि विभिन्न अस्पतालों में नर्स हैं, अपने ड्यूटी काल में कोरोना से संक्रमित होने के बाद ईएसआई अस्पताल में भर्ती कराई गई हैं। वे जिन प्रतिष्ठित संस्थाओं में काम करती थीं, वो भी उनसे पल्ला झाड़ रहे हैं। उनको संक्रमित बताकर सीधे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। 
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जो दूसरे की जिंदगी बचाती थीं, आज अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष करती प्रतीत हो रही
आज उनके पास बदलने को कपड़े हैं या नहीं हैं, यह भी कोई पूछने वाला नहीं है और 3-3, 4-4 लोगों को एक ही कमरे में रखा गया है। जो दूसरे की जिंदगी बचा रही थीं, आज अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष करती प्रतीत हो रही हैं, भगवान उनकी मदद करे।

सीएम मनोहर बोले, सिर्फ एक नर्स भर्ती
रावत के ट्वीट पर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शाम 5:30 बजे जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सेक्टर-9 ईएसआई अस्पताल में 56 मरीज हैं। जिनमें उत्तराखंड की सुगंधा नाम की एक नर्स है। 3 मई को ही अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान मरीजों ने भी यहां उपलब्ध  व्यवस्थाओं से संतुष्टि जताई थी।
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सभी मरीजों को मिल रहा उचित इलाज : गुप्ता
ईएसआई अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक शुभ्रा गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में भर्ती सभी मरीज गुरुग्राम निवासी हैं। सभी को उचित इलाज दिया जा रहा है। इनमें सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल व मेदांता मेडिसिटी अस्पताल की कुछ नर्सें भी शामिल हैं, उनकी भी उचित देखभाल की जा रही है। ये किस-किस राज्य के हैं, इस बारे में हमें मालूम नहीं है। नर्सों की नाराजगी ईएसआई अस्पताल से नहीं बल्कि उस अस्पताल प्रबंधन से है, जहां वे कार्यरत थीं। 

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