जिला प्रशासन ने अगले सप्ताह से सभी शॉपिंग मॉल को खोलने का निर्णय लिया है। यह निर्णय गुरुग्राम में स्वस्थ हो रहे मरीजों की रफ्तार को देखते हुए लिया गया है। जिला उपायुक्त अमित खत्री और नगर निगम आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने जिले में मरीजों के 62 फीसदी स्वस्थ होने की दर को देखते हुए समीक्षा का विश्लेषण और अध्ययन कर यह फैसला लिया है।
हालांकि, मॉल प्रशासन को इस दौरान सरकार द्वारा तय सख्त मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। वहीं, एक जुलाई से पार्कों को भी खोलने की मंजूरी मिल सकती है। फिलहाल, मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति नहीं मिली है।
कोरोना महामारी के कारण करीब तीन माह पहले इन मॉल्स को बंद कर दिया गया था। अनलॉक-1 के दौरान देशभर के कई राज्यों में मॉल 8 जून से खुल चुके हैं लेकिन गुरुग्राम में कोरोना के मामलों के तेजी से बढ़ने के कारण प्रशासन ने यहां मॉल बंद ही रखने का निर्णय लिया था लेकिन अब गुरुग्रामवासियों के लिए राहत की खबर आई है।
जिला उपायुक्त और नगर निगम आयुक्त ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी कि गुरुग्राम में अगले सप्ताह से सभी मॉल खोल दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिले में अब तक 4900 से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं जिनमें से 3000 से अधिक मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। खास बात है कि अब नए मरीजों के मुकाबले संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर ज्यादा है।
हालांकि, ऐसे में नगर निगम आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करना होगा। समय-समय पर अधिकारी मॉल का निरीक्षण करेंगे। दिशानिर्देशों के खरा न उतरने पर मॉल में बनी दुकानों या मॉल को तत्काल बंद कर दिया जाएगा।
अनलॉक-1 की शुरुआत में मॉल खोलने की अनुमति न मिलने पर मॉल संचालकों में निराशा देखने को मिली थी। वहीं इस सूचना के बाद उन्होंने हर्ष जाहिर किया है।
लोग समझ चुके हैं सोशल डिस्टेंसिंग : आकाश आबेरॉय, मेट्रापॉलिटिन मॉल प्रधान
महामारी की गंभीरता को देखते हुए लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग की समझ आ चुकी है। यह प्रशासन का बेहतर निर्णय है। मॉल को खोलने में देरी का निर्णय भी कुछ सोच समझ कर लिया गया होगा। मरीजों के स्वस्थ होने की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। स्वास्थ्य और आर्थिक दृष्टि से देखते हुए निश्चित मापदंडों के साथ जल्द मॉल खोल देने चाहिए।
बाजारों से पहले मिलने चाहिए थी मॉल खुलने की अनुमति : अमन बजाज, मेट्रोपॉलिस मॉल
एमजी मॉल से अमन बजाज ने बताया कि बाजारों से पहले मॉल खुलने की अनुमति मिलनी चाहिए थी। मॉल में भीड़ को आसानी नियंत्रित किया जा सकता है। वहीं बाजारों में अनियंत्रित भीड़ के बीच सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखना मुश्किल है। अगर अब भी मॉल को खोला जाता है तो सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया जाएगा।
सुरक्षा के मद्देनजर बेहतर है गुरुग्राम के मॉल : अमित कंबोज
दिल्ली व देश के अधिकतर हिस्सों में मॉल खोले जा चुके हैं वहीं गुरुग्राम में मॉल खोलने मे सबसे ज्यादा देरी की जा रही है। जबकि सुरक्षा के मद्देनजर गुरुग्राम के मॉल बेहतर है। बाजारों की अपेक्षा साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जाता है। मॉल बंद होने से संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।