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Gurugram News: गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत कॉरिडोर से 5,655 पेड़ होंगे प्रभावित

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बदले में 55,650 पेड़ लगाने की योजना, करीब 25.38 करोड़ होंगे खर्च
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मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर से करीब 5,655 पेड़ों पर असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, इसके बदले 55,650 पेड़ लगाने की एक क्षतिपूर्ति पौधरोपण योजना है। इस पर करीब 25.38 करोड़ खर्च होंगे। यदि इफ्को चौक वाला रूट फाइनल होता है तो शहर के दो बड़े पार्क भी कॉरिडोर में आ रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच हाई-स्पीड नमो भारत रेल (आरआरटीएस) का डीपीआर तैयार कराया है। एनसीआरटीसी ने डीपीआर को जीएमडीए से साझा किया है। इसमें जीएमडीए ने इफ्को चौक के बजाय खेड़कीदौला से एसपीआर के साथ कॉरिडोर बनाने का सुझाव दिया है। एनसीआरटीसी ने इस परियोजना का मई-जून 2025 में सामाजिक-आर्थिक सर्वे कराया गया ताकि प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर का प्रोजेक्ट से संभावित प्रभावों का आकलन किया जा सके। सोशल इंपेक्ट असेसमेंट (एसआईए) में प्रोजेक्ट से कुल 5,655 पेड़ों पर असर पड़ने की संभावना जताई गई है। जरूरत के हिसाब से कंस्ट्रक्शन के दौरान पेड़ों को काटा जाएगा या ट्रांसप्लांट किया जाएगा। हालांकि डिजाइन में बदलाव करके पेड़ों को कम से कम हटाने की कोशिश की जाएगी।
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रिपोर्ट के अनुसार एक व्यक्ति द्वारा सालाना औसत ऑक्सीजन की खपत 182 किलोग्राम होने का अनुमान है। इसके आधार पर मौजूदा 5,655 पेड़ एक साल में लगभग 11,986 लोगों की ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा कर सकते हैं। इस नुकसान की भरपाई के लिए 55,650 पेड़ लगाने का एक क्षतिपूर्ति वनीकरण कार्यक्रम प्लान है। मुआवजे के तौर पर हर काटे गए पेड़ के बदले 10 पेड़ लगाने का प्रस्ताव है। पांच साल की अवधि में पेड़ लगाने और रखरखाव के लिए प्रति पेड़ 4,489 की दर से 25.38 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
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कॉरिडोर में आ रहे दो पार्क
1. नमो भारत अलाइनमेंट ताऊ देवी लाल बायोडायवर्सिटी पार्क सेक्टर-52 से होकर गुजरेगा।
2. नमो भारत का अलाइनमेंट लेजर वैली पार्क सेक्टर-29 से गुजरेगा।

क्षतिपूर्ति के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर जगह
गुरुग्राम मेट्रो परियोजना और एनसीआरटीसी के कॉरिडोर से प्रभावित होने वाले करीब 50 हजार पौधे कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे की ग्रीन बेल्ट में लगाए जाएंगे। इसमें 28 हजार पौधे लग चुके हैं। मेट्रो परियोजना में 1801 पेड़ों को काटा जाना और बदले में 18 हजार से अधिक पेड़ लगाए जा रहे हैं। दिल्ली-गुरुग्राम-बावल आरआरटीएस के तहत 3100 पौधे काटे जाएंगे। बदले में 31 हजार पौधे केएमपी एक्सप्रेसवे के ग्रीन बेल्ट में लगाए जा रहे हैं। वन विभाग के वन संरक्षक सुभाष यादव ने बताया कि केएमपी पर दोनों परियोजना के पेड़ लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा कॉरिडोर के पौधे केएमपी के ग्रीन बेल्ट में जगह पर्याप्त नहीं है। हालांकि, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की ग्रीन बेल्ट में किया जा सकता है। इसके अलावा अरावली में भी हो सकता है।
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