गुरुग्राम में किसानों के समर्थन और कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर राजीव चौक के पास संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम द्वारा पिछले 107 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। इसमें किसानों के साथ ही विभिन्न संगठनों के सदस्य भी शामिल हैं। मंगलवार को बैसाखी पर्व पर किसान पगड़ियां बांधकर धरने पर बैठे और केंद्र सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष संतोख सिंह ने बताया कि बैसाखी किसानों के सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है। ये फसल के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है। इसलिए ये त्यौहार रबी की फसलों खासकर गेहूं की फसल की कटाई का भी प्रतीक है।
सरकार अहंकार त्यागकर किसानों की मांगों को माने ताकि वे खेतों में जाकर अपनी फसल काट सकें। किसान ईश्वर सिंह ने कहा कि खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी हुई है। इसलिए सरकार को किसानों से बातचीत करनी चाहिए। क्योंकि बातचीत से ही समस्या का समाधान हो सकता है।
सरकार द्वारा आंदोलनरत किसानों से बातचीत की कोई पहल नहीं की जा रही, ऐसे में लग रहा है कि सरकार को किसानों की समस्याएं नहीं दिखती। मंगलवार को अनिल पंवार, जयप्रकाश रेहडू, ईश्वर सिंह, नवनीत, सवनीत कौर, ऊषा सरोहा, रविंद्र माथुर, मनोज शोराण, गीता गौरैया, मनोज, बलवान सिंह दहिया, योगेंद्र सिंह, एसएल प्रजापति, तनवीर अहमद, सतीश कुमार, आरसी हुड्डा, पंजाब सिंह, कमलजीत सिंह, धर्मबीर परवाल, मुकेश डागर, कामरेड सरवन कुमार, धर्मवीर,भारती देवी, लीलावती, मिरगया मुकाम, महासिंह ठाकरान, बलकेस बाल, मनीष, हरि सिंह चौहान, पूजा, अनुष्का हुड्डा, अक्षय कुमार शर्मा, मुकेश यादव, आकाशदीप, मनोज कुमार, सोनू कुमार, ईश्वर और विजय यादव आदि लोग पगड़ी बांधकर धरने में शामिल हुए।