बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर लगी आग बारिश से बुझी, प्रशासन की व्यवस्था पर लगे आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर बीते बुधवार शाम को लगी भीषण आग ने तीन-चार दिनों तक क्षेत्र में कोहराम मचाए रखा। कूड़े के ढेर में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के कई किलोमीटर के दायरे में काला और जहरीला धुआं छा गया। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) की टीम और दमकल विभाग की 10 गाड़ियों ने लगातार पानी की बौछारें कीं लेकिन कई जगह कूड़े के अंदरुनी हिस्सों पर धुआं उठता रहा। हालांकि, आग बुझाने में जब जमीनी व्यवस्था फेल हुई तो आसमान से राहत बरसी। बारिश ने लोगों को जहरीले धुएं से राहत दिलाई।
शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश ग्रामीणों के लिए राहत बनकर आई, जिसने आग और धुएं को शांत कर दिया। हालांकि, इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। बंधवाड़ी गांव के लोगों ने एमसीजी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद आग को समय पर काबू नहीं किया गया, जिससे प्रदूषण और परेशानी बढ़ी।
जहरीली गैस ने लोगों का जीना किया मुश्किल
लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। बंधवाड़ी गांव के हालात बेहद खराब बने हुए हैं। लैंडफिल साइट पर लगी आग से निकल रही जहरीली गैस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। गर्मी के बावजूद लोग रात में खिड़कियां बंद कर सोने को मजबूर हैं। बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। धुएं और प्रदूषण के कारण ग्रामीणों में सांस लेने में परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
अधिकारियों और मंत्री के अनुसार, स्थिति ठीक है लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। गांव में रहकर ही समझा जा सकता है कि यहां की आबोहवा कितनी खराब हो चुकी है और लोगों को कितनी परेशानी झेलनी पड़ रही है। -
दीपक तंवर, बंधवाड़ी गांव
लैंडफिल से निकल रही जहरीली गैस के कारण लोगों को सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है। आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग लगातार प्रदूषित हवा के संपर्क में हैं, जिससे उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। -
बीरमपाल, मांगरगांव
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लैंडफिल साइट पर आग न लगे इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। गर्मी के मौसम में मिथेन गैस अधिक निकलती है, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसे नियंत्रित करने के लिए साइट पर स्प्रिंकलर और टैंकर की व्यवस्था की गई है, ताकि तुरंत पानी डालकर आग रोकी जा सके। -
प्रीतपाल, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम गुरुग्राम