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ग्रीन वॉल : गुरुग्राम का 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र बनेगा हरा-भरा

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अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट का आज शुभारंभ करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, सुधरेगा पर्यावरण
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। विश्व की सबसे पुरानी पर्वत शृंखला अरावली के दोनों तरफ पांच-पांच किमी की हरित दीवार विकसित किए जाने के प्रोजेक्ट का शुभारंभ बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली राज्यों में 700 किमी की अरावली के दोनों ओर पांच-पांच किमी की हरित दीवार बनाए जाने की इस योजना की कई तैयारियां हुई हैं। यह योजना थार के रेगिस्तान को हरियाणा और दिल्ली एनसीआर की ओर बढ़ने से रोकने के साथ-साथ भूमि व जल संरक्षण और भविष्य में बेहतर पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।
हरियाणा में गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिले में ग्रीन वॉल बनेगी। हरियाणा में 24990 हेक्टेयर जमीन पर पहले चरण में हरित दीवार बनाए जाने की योजना की शुुरुआत पांच जून को शुरू होगी। वर्ष 2027 में इस प्रोजेक्ट का पहला चरण पूरा किया जाना है। गुरुग्राम वन मंडल की ओर से भी इसका शुभारंभ पांच जून को होगा। इस योजना में ग्रामीणों, संस्थानों और आम परिवारों की मदद ली जाएगी।
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सोहना कार्यशाला में तय किया गया था कार्यक्रम
अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट पर विचार विमर्श के लिए फरवरी महीने में छह से आठ फरवरी तक अरावली ग्रीन वॉल पार्टनरशिप समिट की गई थी। इसमें ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट पर काम करने वाले संस्थान द नेचर कंजर्वेंसी, हरियाणा राज्य जैव विविधता बोर्ड की विशेषज्ञों के साथ सम्मेलन हुआ था। इसमें केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु एवं परिवहन मंत्री भूपेंद्र यादव, राज्य के वन, पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह और वन, पर्यावरण विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया था। इसमें इस प्रोजेक्ट के विभिन्न बिंदुओं पर आम राय बनाई गई थी। इसी दौरान सोहना में अरावली की पहाड़ियों पर टीम ने दौरा किया था और वहां अरावली की प्रजातियों के लिए खास तौर पर बनी नर्सरी का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ने किया था। प्रदेश के वन पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह और उच्चाधिकारियों की टीम ने कार्यशाला के बाद सोहना के अरावली रेंज का दौरा किया था।


10 हजार हेक्टेयर में लगेंगे देसी मूल के पौधे
मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस कार्यशाला सुझाव दिया था कि ग्रीन वॉल के लिए गुरुग्राम और फरीदाबाद में नगर वन योजना बनाई जाए। गुरुग्राम में कम से कम 10 हजार हेक्टेयर का हरित क्षेत्र तैयार किया जाए। पहले से उगे कीकर के पेड़ों की जगह अगले पांच वर्षों तक स्थानीय देसी मूल पौधे लगाए जाएं और सुंदर ग्रीन स्पेस तैयार किया जाए। गुरुग्राम और फरीदाबाद में कृषि संस्थानों और विश्वविद्यालयों की मदद से देशी मूल के पेड़ों की नर्सरी बनाई जाए। हरियाणा रेंज में एक पेड़ मां के नाम का अभियान व्यापक चलाया जाए। गुरुग्राम में 21 महाविद्यालय और करीब 200 से 300 बड़े इंस्टीट्यूट हैं, जिनके टर्नओवर हजारों करोड़ में है। उन्हें एक-एक ब्लॉक की जिम्मेदारी दे दी जाए। हरियाली तीज और अन्य त्योहारों पर भी अभियान चलाकर पौधरोपण हो। उधर प्रदेश के मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा था कि इस योजना अरावली के साथ हमारी पुरानी विरासतों को भी संरक्षित करेगी।



रेगिस्तान रोकने के साथ कई और फायदे
केंद्र सरकार ने अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट की घोषणा वर्ष 2023 में की थी। अफ्रीका के ग्रेट ग्रीन वॉल की तर्ज पर यह प्रोजेक्ट बना है। अरावली का क्षेत्र समृद्ध जैव विविधता को क्षेत्र है, जहां 20 संरक्षित क्षेत्र शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट से दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में भूजल संरक्षण में मदद मिलेगी। पानी की जरूरत पूरी होगी। वायु की गुणवत्ता में सुधार होगा। ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट से पर्यावरण शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक होगा। इस इलाके में सफारी विकसित करने, इको टूरिज्म में मदद मिलेगी, जिससे रोजगार में वृद्धि होगी।
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वर्जन
ग्रीन वॉल के लिए स्थानीय जरूरतों को पूरी करने के लिए छोटी-छोटी नर्सरियां तैयार की जानी है। अरावली में उसकी जरूरत के अनुसार पेड़ लगेंगे। बृहस्पतिवार को योजना की शुरुआत गुरुग्राम में भी कर दी जाएगी। इसमें ग्रामीणाें की भी पूरी सहायता ली जाएगी।- राज कुमार, जिला वनमंडल अधिकारी
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