प्रदेश अध्यक्ष ने भी पुलिस की कार्रवाई को बताया गलत
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री नायब सैनी को कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की ओर से काले झंडे दिखाने को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेन्द्र सिंह ने सिविल लाइन थाने जाकर गिरफ्तार कार्यकर्ताओं से बातचीत की। दूसरी ओर कमान सराय स्थित कांग्रेस कार्यालय में सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने एक प्रेस वार्ता की। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और उनके साथ हुए व्यवहार को गलत बताया। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार पर पूरे देश में लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की कि गुरुग्राम में काले झंडे दिखाने के आरोप में हिरासत में लिए गए कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर से मुकदमे वापस लिए जाएं।
हुड्डा ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे गुरुग्राम के इतिहास में काला अध्याय बताया। उन्होंने सवाल किया कि काले झंडे दिखाना ऐसा कौन सा अपराध है कि 17 पुलिसकर्मी और दो थाना प्रभारी निलंबित हुए। 19 साथियों के खिलाफ गैर-कानूनी हिरासत में लेने की कार्रवाई की गई। पुलिस ने गुरुग्राम शहर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पंकज डाबर के बेटे और एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष सचिन के पिता को उठाया। उन्हें रात भर थाने में बिना प्राथमिकी दर्ज किए हिरासत में रखा गया और मारपीट भी की गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जिस विश्वविद्यालय में जा रहे थे, वहां छात्रों के पहले वर्ष का परिणाम नहीं आया था। विश्वविद्यालय में बुनियादी ढांचे की भारी कमी थी। हुड्डा ने मांग की कि हिरासत में लिए गए दोनों जिलाध्यक्षों समेत सभी साथियों पर से मुकदमे वापस लिए जाएं। उन्होंने भाजपा सरकार और प्रशासन से इस कार्रवाई के लिए माफी मांगने को कहा।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से विधायक रघुबीर तेवतिया, विधायक इंदुराज नरवाल, पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया, सुमित्रा चौहान, सुधीर सिंह, मुकेश, राव नरबीर, एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अविनाश यादव, इंटक के प्रदेश अध्यक्ष अमित यादव, जिला प्रधान पंकज डाबर के पिताजी, ब्लॉक अध्यक्ष अमित कोचर, सुनीता सेहरावत, अमित, अभिषेक यादव, सुशील सेहरावत, गजेन्द्र, सुखबीर सिंह तंवर, राजकुमार, पवन चौधरी, अरुण शर्मा, सतीश बंधु, देवेन्द्र भाटिया, मुकेश चौधरी आदि मौजूद रहे।