मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने की अधिकारियों के साथ बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने शहर के विकास, सफाई व्यवस्था व बुनियादी ढांचे को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुरुग्राम शहर को लेकर स्पष्ट निर्देश हैं कि गुरुग्राम को स्वच्छ, सुंदर और बेहतर शहर बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राजेश खुल्लर ने कहा कि सभी एजेंसियां सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप धरातल पर परिणाम दिखाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर की सडक़ों पर कचरा, पॉलिथीन या मलबा बिल्कुल भी न दिखे और प्रभावी कार्य योजना लागू की जाए। साथ ही, कचरा जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग के माध्यम से भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। खुले में घूमने वाले पशुओं के मुद्दे पर भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत और ठोस कदम उठाने को कहा।
जल निकासी, सडक़ों और पेयजल आपूर्ति पर हुई विस्तृत चर्चा
मुख्य प्रधान सचिव ने करीब दो घंटे चली बैठक में गुरुग्राम में अब तक हुए कार्यों की विभागावार जानकारी ली। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्यामल मिश्रा ने जल निकासी, सीवरेज व पेयजल आपूर्ति की जानकारी देते हुए बताया कि शहर में लेग-1, लेग-2 और लेग-3 मास्टर ड्रेन हैं। लेग-1 और लेग-2 नजफगढ़ ड्रेन से जुड़ी हैं जबकि लेग-3 को जोड़े जाने की दिशा में कार्य चल रहा है। जलभराव से प्रभावित क्रिटिकल प्वाइंट पर सुधार के लिए आरसीसी ड्रेन और अस्थायी ड्रेन निर्माण के कार्य किए गए हैं। नरसिंहपुर में अब बरसात के बाद जल निकासी जल्द हो रही है। सीवरेज ट्रीटमेंट के संदर्भ में बताया गया कि आने वाले समय में एसटीपी क्षमता 950 एमएलडी हो जाएगी। पेयजल आपूर्ति की मौजूदा क्षमता 670 एमएलडी है जोकि आगे बढ़कर 1170 एमएलडी हो जाएगी। बैठक में शीतला माता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से जुड़ी प्रगति की जानकारी भी दी गई।
जल निकासी से जुड़े कार्यों की प्रगति के बारे में दी जानकारी
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि संभावित जलभराव वाले स्थलों की संख्या 153 है जहां सुधार कार्य किए जा चुके हैं। बरसात के दौरान राहत पहुंचाने के लिए निगम ने एक विशेष कॉल सेंटर स्थापित किया है जिसमें 15 ऑपरेटर तैनात रहते हैं। सीवरेज मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है जिसने 40 समस्याग्रस्त क्षेत्रों को चिन्हित किया है।
सफाई का नया टेंडर खुलेगा 18 अगस्त को
निगमायुक्त ने बताया कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का नया टेंडर 18 अगस्त को खोला जाएगा। फिलहाल 250 गाड़ियां डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित कर रही हैं। बल्क वेस्ट जनरेटर और सरकारी विभागों की कॉलोनियों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया है। सीएंडडी वेस्ट प्रबंधन के लिए बसई में प्लांट संचालित है जबकि 400 टीपीडी क्षमता का एक और प्लांट स्थापित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। 3 स्थानों पर सीएंडडी वेस्ट कलेक्शन सेंटर भी बनाए जाएंगे। इस मौके मंडल आयुक्त आरसी बिढ़ान, डीसी अजय कुमार,सीपी विकास अरोड़ा, आयुक्त आयुष सिन्हा, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका सहित नगर निगम, एचएसवीपी, जीएमडीए, पुलिस विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।