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सरकारी केंद्र खाली, निजी अस्पतालों में टीके के लिए लगी भीड़

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गुरुग्राम। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 18 से 44 आयु के लोग एक हजार रुपये तक में प्राइवेट अस्पतालों में टीका लगवाने के लिए मजबूर हैं। किसी भी सरकारी केंद्र पर बृहस्पतिवार को इस उम्र के लोगों को पहली डोज नहीं लगी, जबकि 8692 लोगों ने प्राइवेट अस्पतालों में रुपये देकर टीके लगवाए है। सरकारी केंद्रों पर टीका न होने के कारण लोगों में आक्रोश है, कई संगठनों ने तो सवाल किया है कि सरकार पहले बेड और ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करा पाई। अब फ्री टीका भी नहीं लगा पा रही है, ऐसे में प्राइवेट अस्पतालों में टीके कहां से आ गए।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले तीन दिन से इस उम्र के लोगों के लिए टीके की व्यवस्था नहीं हो पाई है। बृहस्पतिवार को भी सरकारी केंद्रों पर फ्री में टीका लगाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। पहली डोज लगवा चुके लोगों का कहना है कि आखिर कब उन्हें दूसरी डोज दी जाएगी। यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि निजी अस्पतालों में टीकाकरण की प्रक्रिया निर्बाध रूप से चल रही है। मई के दूसरे सप्ताह तक जिले में 10 हजार से अधिक टीके ठीक तरीके से लगाए जा रहे थे। 13 मई के बाद से टीकाकरण प्रभावित हुआ और रोजाना लगाए जाने वाले टीकों की संख्या में कमी आने लगी। कोवाक्सिन की दूसरी डोज को लेकर लोगों में चिंता ज्यादा है। मौजूदा स्थिति यह है कि शासकीय केंद्रों पर रोजाना महज 2 हजार से 3 हजार लोगों को ही टीका लग पा रहा है। वहीं, 18-44 आयु वर्ग के लोगों के लिए पिछले तीन दिन से शासकीय टीकाकरण केंद्रों पर टीकाकरण बंद ही कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र यादव का साफ तौर पर कहना है कि टीके की आपूर्ति सुचारू रूप से की जाएगी, तो विभाग टीकाकरण में पीछे नहीं रहेगा और जिले में रिकॉर्ड संख्या में लोगों को टीका लगाया भी गया है।
प्रशासन को कर रहे ट्वीट
मनु अग्रवाल ने जिला प्रशासन को ट्वीट कर पूछा कि 18 साल से ज्यादा वालों को कोवाक्सिन की दूसरी डोज कैसे लगेगी। वहीं, रश्मि सिंह ने कहा कि यह काफी चिंता की बात है कि जो 18 साल के हैं, वह टीकाकरण के लिए सक्षम नहीं हैं और उनके लिए कोई निर्धारित कार्यक्रम नहीं है। जो 44 साल के हैं, वह एक साल तक इंतजार नहीं कर सकते। ऐसे में 18-44 के लिए टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया जाना चाहिए। वहीं, तराशा नामक यूजर वे पूछा कि 45 साल से कम वाले उन लोगों के लिए क्या योजना है, जिनको कोवाक्सिन की दूसरी डोज की दरकार है और उनका समय पूरा हो गया है।
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शासकीय केंद्रों पर 1882 को लगा टीका
जिले में बृहस्पतिवार को 11,197 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया, लेकिन शासकीय केंद्रों पर महज 1882 लोगों को ही टीका लग सका। इसमें 18-44 आयु वर्ग में निजी केंद्रों पर 8692 लोगों को वैक्सीन दी गई। जिनमें 8546 को पहली डोज व जबकि शुरुआती दौर में इस आयु वर्ग में टीका लगवा चुके 146 कोरोना वॉरियर्स को टीके की दूसरी डोज दी गई। वहीं, 45 साल से ऊपर के 2139 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। इसमें शासकीय केंद्रों पर 1187 लोगों को टीके की पहली, जबकि 335 लोगों को दूसरी डोज दी गई। निजी केंद्रों पर 348 लोगों को पहली व 269 लोगों को दूसरी डोज दी गई। बृहस्पतिवार को 121 स्वास्थ्यकर्मियों को भी कोरोना का टीका लगाया गया, जिसमें शासकीय केंद्रों पर 112 को पहली व 4 लोगों को दूसरी डोज दी गई। निजी केंद्रों पर सिर्फ 5 स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना टीके की दूसरी डोज दी गई। वहीं 245 फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी टीका लगाया गया, जिसमें 214 को शासकीय केंद्रों पर पहली डोज व 30 को दूसरी डोज दी गई। जिले में अब कोरोना का टीका लगवाने वालों की संख्या 7 लाख 19965 पर पहुंच गई है।
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कैप्शन : खाली पड़ा सेक्टर-31 पॉलीक्लीनिक टीकाकरण केंद्र।
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