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Gurugram News: गोल्डन पॉम सोसाइटी का बैंक खाता फ्रीज, एओए बोले- शिकायतकर्ता जिम्मेदार

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निवासियों ने अनियमितता के आरोप लगाए, 14 मई को डिप्टी रजिस्ट्रार ने एओए भंग की
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। द गोल्डन पॉम सोसाइटी निवासियों की शिकायत पर सोमवार को सोमवार को बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। अब निवासियों को इस बात की चिंता सता रही है कि सोसाइटी का खर्च कैसे चलेगा और इसकी जिम्मेदार किसकी होगी। इससे पहले 14 मई को निवासियों की शिकायत पर डिप्टी रजिस्ट्रार ने एओए भंग कर दी थी।

दरअसल सेक्टर 168 स्थित द गोल्डन पॉम सोसाइटी के कुछ निवासियों ने एओए के खिलाफ अनियमितताओं को लेकर शिकायतें की थीं। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से डिप्टी रजिस्ट्रार से लेकर डीएम तक कई पत्राचार हुए। डिप्टी रजिस्ट्रार ने कार्यालय के आदेशों का अनुपालन और जवाब न देने का हवाला देते हुए 2021 में बनी एओए टीम का पंजीकरण निरस्त कर दिया था। इसके बाद बैंक खाते भी सीज कर दिए गए। इससे निवासियों के मन में यह सवाल है कि सोसाइटी के रखरखाव का खर्च और अन्य काम कैसे होंगे। उनके ऑफिस जाने के बाद सोसाइटी में रह रहे उनके परिजनों की सुरक्षा कौन करेगा। हालांकि इस बीच कुछ निवासियों का कहना है कि वह प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करने का आग्रह करेंगे। वहीं, कुछ ने कहा कि इसकी प्रक्रिया चल रही है।
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बिना जानकारी दिए खाते फ्रीज किए : निवर्तमान एओए
निवर्तमान एओए के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि टीम को गलत तथ्यों और बेबुनियाद आरोपों के आधार पर भंग किया गया। बिना पूर्व सूचना के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए। अगर सुरक्षा संबंधी घटना, जान-माल का नुकसान या आवश्यक सेवाओं में कोई बाधा उत्पन्न होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शिकायतकर्ताओं और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों विशेष रूप से डिप्टी रजिस्ट्रार की होगी।

सोसाइटी के करीब 80 फीसदी लोग अपने परिवार को सोसाइटी की सुरक्षा के भरोसे छोड़कर जाते हैं लेकिन यदि सारी सुविधाओं और सुरक्षाकर्मियों को पैसा नहीं मिला तो घर-परिवार कैसे सुरक्षित रहेगा, किसकी जिम्मेदारी होगी। -सीए गौरव गर्ग, निवासी
अभी एक महीने का पेमेंट पहले हो चुका है। हमने डीएम को पत्र लिखकर एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करने का आग्रह किया है। संभवत: सप्ताहभर के भीतर एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त हो जाएगा, जिसके बाद व्यवस्था सुचारू रूप से चलेगी। -गजेंद्र कुमार, निवासी
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निराधार तथ्यों और बेबुनियाद आरोपों के आधार पर एओए भंग की गई। अब बिना सूचना बैंक अकाउंट फ्रीज किए हैं, जिससे सोसाइटी का खर्च चलता था। अव्यवस्था, सुरक्षा संबंधी घटना, जान-माल के नुकसान के जिम्मेदार शिकायतकर्ता होंगे। -दीपेंद्र चौधरी, निवर्तमान एओए अध्यक्ष, द गोल्डन पॉम सोसाइटी
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