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जीएमडीए शहर में 1848 करोड़ रुपये से कराएगा विकास

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लोक निर्माण विश्राम गृह में आयोजित जीएमडीए बोर्ड की बैठक के दौरान शहर में जीएमडीए विभाग द्वारा क? - फोटो : Gurgaon
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गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) की आठवीं बोर्ड बैठक करीब साढ़े तीन घंटे तक चली। जिसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दक्षिणी पैरिफेरल रोड (एसपीआर) सहित 15 प्रमुख विकास योजनाओं को शुरू कराने की हरी झंडी दे दी है।
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उन्होंने कहा कि छह महीने के बाद वह फिर से समीक्षा बैठक करेंगे। इस दौरान कई साल से निर्माणाधीन चार अन्य विकास योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। इन योजनाओं के प्रस्ताव प्राधिकरण के कार्यकारी अधिकारी सुधीर राजपाल नेे पेश किए और शहर के लिए उनकी उपयोगिता के तर्क भी दिए गए। इनमें से कई प्रस्तावों का केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने भी समर्थन किया। जीएमडीए शहर के विकास कार्य 1848 करोड़ रुपये से कराएगा।
बैठक में जीएमडीए का वर्ष 2021-22 का बजट भी पारित किया गया। इसके अनुसार इस वित्त वर्ष में प्राधिकरण को विभिन्न मदों से लगभग 1213.79 करोड़ रुपये की आमद होगी। वित्त वर्ष में प्राधिकरण ने विभिन्न विकास कार्यों तथा सेवाओं पर लगभग 1848.24 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान पेश किया गया। इस लिहाज से लगभग 634.45 करोड़ रुपये के घाटे का बजट प्रस्तुत किया गया है। इस दौरान महावीर चौक, अंडर ग्राउंड पार्किंग सहित चार पुरानी विकास योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
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इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, मेयर मधु आजाद, विधायक, एसीएस धीरा खंडेलवाल, मेदांता से डॉ. नरेश त्रेहन, डीएलएफ से राजीव सिंह सहित प्राधिकरण के सभी सरकारी तथा मनोनीत सदस्य उपस्थित थे।
1- इस साल से सीधे जीएमडीए और नगर निगम को मिलेगा ईडीसी
- एक अप्रैल से एक्सटर्नल डवलपमेंट चार्ज (ईडीसी) का का पैसा गुरुग्राम जिले से जमा होगा। वह सारा पैसा जीएमडीए को मिलेगा। इसी प्रकार, फरीदाबाद जिले से जमा होने वाला ईडीसी का पैसा फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) को मिलेगा। इस पैसे पर जीएमडीए और एफएमडीए का ही कंट्रोल रहेगा।
2- स्टांप ड्यूटी का भी सीधे पैसा मिलेगा
शहर में जमीन की खरीद पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी की एक फीसदी राशि अब जीएमडीए को मिलेगी। इस मद से भी जीएमडीए को एक साल में लगभग 250 करोड़ की आय होने की उम्मीद है।
शहर के लिए प्रमुख विकास योजनाएं
1- दिल्ली मेट्रो और रैपिड मेट्रो कनेक्ट होंगी
- दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी), गुरुग्राम रैपिड मेट्रो तथा द्वारका एक्सप्रेस-वे मेट्रो की लाइनों को आपस में कनेक्ट करने पर भी विचार विमर्श हुआ। गुरुग्राम मेट्रो को साइबर सिटी के पास रैपिड मेट्रो रूट से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
2- 250 एमएलडी वेस्ट वाटर रिसाइकिल होगा
गुरुग्राम में दोनों सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों से लगभग 430 एमएलडी वेस्ट वाटर का डिस्चार्ज होता है जिसमें से अभी लगभग 125 एमएलडी पानी को रि-साइकिल करके पुन: प्रयोग में लाया जा रहा है। जीएमडीए इस साल में कुल उपलब्ध डिस्चार्ज के 30 प्रतिशत रि-साइकिल किए हुए पानी का प्रयोग बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक करेगा। प्राधिकरण ने इस साल में लगभग 250 एमएलडी रि-साइकिल पानी के पुर्न उपयोग की रूपरेखा तैयार कर ली है।
3- सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का पानी और शुद्ध होगा
- धनवापुर तथा बहरामपुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी की शुद्धता को और बढ़ाया जाएगा। इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। यह कार्य दिसंबर 2022 तक पूरा होगा।
4- 135 किलोमीटर सीवरेज लाइन सिल्ट फ्री होगी
- शहर की 135 किलोमीटर सीवरेज लाइन को सिल्ट फ्री किया जाएगा। साथ ही ग्रीन बेल्ट का लेवल सड़क से एक फुट गहरा भी किया जाएगा। इसके पीछे जीएमडीए का विजन है कि उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाली 135 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन को इस साल के आखिर तक गाद से मुक्त किया जाए। ताकि सीवरेज लाइन कहीं भी जाम होने की समस्या ही न रहे।
5 - ड्रेनेज सिस्टम सुधरेगा
- बरसात के दिनों में कहीं भी शहर में जलभराव न हो। इसलिए जीरो डिस्चार्ज सिटी बनाने की योजना है। इसके लिए एक्शन प्लान तैयार कर लिया है जिसके अनुसार सड़कों के साथ में बनी ग्रीन बेल्ट को सड़क के लेवल से एक-एक फीट गहरा किया जाएगा। ऐसा होने पर बारिश का पानी ग्रीन बेल्ट में जाकर धीरे-धीरे जमीन में रिसकर चला जाए।
6- रॉ वाटर स्टोरेज छह दिन का रहेगा
- रॉ वॉटर की स्टोरेज 3 दिन से बढ़ाकर छह दिन की जाएगी। इसके लिए नए सेक्टर 58 से 115 में पेयजल लाइन बिछाने का काम जारी है। जोकि अगस्त तक होगा पूरा। पेयजल की बर्बादी को रोकने के लिए आम नागरिकों में से जल मित्र नियुक्त किए जाएंगे जो पानी की लीकेज के बारे में संबंधित अधिकारियों को सूचित करेंगे।
7- जलघर की क्षमता भी छह दिन बढ़ेगी
-चंदू बुढेड़ा तथा बसई जलघर की स्टोरेज क्षमता तीन दिन के स्थान पर बढाकर 6 दिन करने का प्रस्ताव रखा गया। इस कार्य पर 62 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यदि नहर में पानी नहीं भी आया तो 6 दिन तक पूरे शहर को पेयजल आपूर्ति आसानी से हो पाएगी।
8- पांच लाख लोगों को पर्याप्त मात्रा में मिलेगा पेयजल
- सेक्टर 58 से 115 तक सभी सेक्टरों में पेयजल पाइप लाइन बिछाने का कार्य अगस्त 2021 तक पूर्ण होगा। इससे इन सेक्टरों में रहने वाले लगभग 5 लाख लोगों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिलेगा। इस कार्य पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
9 - एसपीआर मॉडल रोड
- गांव घाटा से वाटिका चौक होते हुए खेड़कीदौला तक सदर्न पैरिफेरल रोड (एसपीआर) को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। जो कि कई सेक्टरों को विभाजित करके बनाई जा रही है। 231 करोड़ से प्रस्तावित इस रोड के निर्माण से काफी हद तक ट्रैफिक समस्या का समाधान होगा।
10- बख्तावर चौक पर बनेगा फ्लाई ओवर
- शहर में इंटरनल रिंग रोड पर केवल बख्तावर चैक पर ही फलाईओवर नहीं बना है। इसलिए बख्तावर चैक पर भी फलाईओवर बनाने को भी मंजूरी दी गई जिस पर लगभग 68 करोड़ रूपए खर्च होंगे।
11 - मोनसर में फायर स्टेशन निर्माण के लिए ढाई एकड़ जमीन
12 - सिंकदरपुर-चक्करपुर में विकसित होगा नगर वन
13- सकतपुर और गैरतपुरबास में पांच करोड़ रुपये की लागत से जलाशयों को जीर्णोद्धार होगा
14 - नया जीआईएस प्रोजेक्ट लागू होगा
बैठक में इनके अलावा ड्रोन कैमरे की मदद से लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित होगा। यही नहीं, इससे अवैध कॉलोनियां विकसित होने के कार्यों पर नजर रखी जा सकेगी। वहीं, पर्यावरण प्रदूषण के स्तर की भी निगरानी हो सकेगी। इस प्रोजेक्ट के तहत गुरुग्राम मेें विभिन्न स्थानों पर प्रदूषण मापक सेंसर लगाए जाएंगे। जिसे नागरिकों के साथ सांझा किया जाएगा ताकि वे अपने क्षेत्र के प्रदूषण के स्तर पर नजर रख सकें। उसके कारणों को कम करने के लिए स्वयं आगे आएं। इसी में सीसीटीवी आधारित पब्लिक सेफ्टी तथा ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम होगा लागू।
इंटेलीजेंट ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम लगेगा
15 शहर में इटेलीजेंट ट्रैफिक लाइट कंट्रोल सिस्टम भी लगाया जाएगा। इसके तहत कहीं भी दुर्घटना होने पर ट्रैफिक लाइट इस तरह से आपरेट होगी कि उस स्थान से ट्रैफिक डायवर्ट हो जाए और जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
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