गुरुग्राम। शिकायतों के समाधान को लेकर लापरवाही अब नगर निगम अधिकारियों पर भारी पड़ सकती है। निगमायुक्त मुकेश कुमार आहुजा ने सख्त रुख अपनाते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर सभी लंबित शिकायतों के समाधान का आदेश दिया है।
निगमायुक्त एक सप्ताह बाद फिर से शिकायतों के समाधान के लिए समीक्षा बैठक करेंगे और शिकायतों के लंबित पाए जाने पर अधिकारियों को जवाब तलब किया जाएगा। उन्होंने ने अतिरिक्त निगमायुक्त रोहताश बिश्नोई को निर्देश दिया है कि वह संबंधित विंग के अधिकारियों से तालमेल कर शिकायतों का समाधान कराएं। निगमायुक्त ने शुक्रवार को बैठक कर विभिन्न माध्यमों से जन शिकायतों की समीक्षा की।
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इन माध्यमों से प्राप्त होती हैं शिकायतें
बैठक में निगमायुक्त ने कर्मचारियों से लंबित शिकायतों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। बताया गया कि नगर निगम गुरुग्राम के पास समीर पोर्टल, सोशल मीडिया ग्रीवेंस ट्रैकर, सीपीग्राम, स्वच्छता एप, स्वच्छ हरियाणा एप, कॉल सेंटर, माई गुरुग्राम एप, ट्विटर, फेसबुक आदि माध्यमों से जन शिकायतें प्राप्त होती हैं। इन माध्यमों को हैंडल करने के लिए अलग-अलग कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
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संबंधित अधिकारी के पास भेजी जाती हैं शिकायतें
जन शिकायत प्राप्त होते ही कर्मचारी शिकायतों को संबंधित अधिकारी के पास भेज देता है तथा संबंधित अधिकारी शिकायत का समाधान करने के बाद रिपोर्ट वापिस भेजी जाती है। उसे उक्त एप, पोर्टल या सोशल मीडिया पर अपडेट कर दिया जाता है। अगर शिकायतकर्ता की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होता है तो वह उसे फिर से ओपन कर सकता है। निगमायुक्त ने कहा कि अगले सप्ताह इस मामले में फिर समीक्षा की जाएगी तथा आगे की कार्रवाई की जाएगी।