अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। घर-घर से कूड़ा न उठने से शहर की सुंदरता पर असर पड़ रहा है। जहां से कूड़ा नहीं निकल रहा है, वहां के लोग जगह-जगह सड़कों पर कूड़ा फेंक देते हैं। नगर निगम क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसी का कार्यकाल समाप्त हो गया है। इसके बाद से उसने काम करना बंद कर दिया है। नगर निगम के अलग-अलग जोन में कूड़ा उठाने के लिए अस्थायी टेंडर आवंटित किए गए हैं, जिसके आवंटन में देरी से शहर में गंदगी फैल रही है। नगर निगम ने तीन जोन के आवंटन के अप्रूवल की फाइल मुख्यालय भेज रखी है। 15 दिन से मुख्यालय से अप्रूवल आने का इंतजार है।
हालात यह हैं कि पांच दिन से कूड़ा घरों में ही सड़ रहा है और अब लोग इसे सड़कों के किनारे फेंकने लगे हैं। शहर में ओल्ड रेलवे रोड, न्यू रेलवे रोड, पटौदी रोड, खांडसा रोड, झाड़ला रोड, शिवाजी नगर, शांति नगर, चार आठ मरला, ढूंडारोड़ा, मौलाहेड़ा, सेक्टर-22 और 23, सेक्टर चार - सात, अर्जुन नगर, पटौदी रोड, भीम नगर, सेक्टर- नौ, नौए और दस, सेक्टर- 46 सहित नए और पुराने गुरुग्राम में कूड़ा जगह-जगह डाला जा रहा है।
मानेसर में देशभर के स्थानीय निकाय के अध्यक्षों के दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान नगर निगम गुरुग्राम के 500 से अधिक सफाई कर्मी लगे हुए थे जिनको रोडवेज बस से रोजाना मानेसर ले जाया जा रहा था। कार्यक्रम के बाद से वह छुट्टी पर हैं। माना जा रहा है कि सोमवार से सफाई व्यवस्था पटरी पर आएगी।
नगर निगम के अलग-अलग चारों जोन के लिए टेंडर प्रक्रिया की मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है। नगर निगम को वर्क अलॉट करने की मंजूरी मिलने की उम्मीद है जिसके बाद आवंटन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- सुंदर श्योराण, एक्सईएन नगर निगम गुरुग्राम।