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Gurugram News: कूड़े में लगाई जा रही आग, धुएं से लोग बेहाल

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- जागरूकता के संदेश और रोकने के नियम के बावजूद जगह-जगह जल रहा
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- सेक्टर 23-ए के कूड़े के खत्ते, सदर बाजार के बाहर, रेलवे रोड आदि जगहों पर जलाया रहा कूड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। ग्रेप के नियम, एनजीटी के नियम, प्रदूषण को लेकर बने धारा 144 के नियम.. जैसे तमाम नियम कायदों के बावजूद शहर में जगह जगह कूड़ा जलाया जा रहा है। रविवार की शाम से सदर बाजार के बाहर रेलवे रोड पर कई जगह कूड़ा जलता नजर आया। सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है और ज्यादा कूड़े से परेशान लोग मिले जुले कूड़े में भी आग लगा रहे हैं। इसका धुआं राहगीरों और दुकानदारों की परेशानी का सबब बन रहा है। लोग इसके धुएं से होने वाले खतरों से अनजान सफाई के लिए जला तो रहे हैं, लेकिन प्लास्टिक पॉलिथीन युक्त कूड़े के जलने से निकलने वाली विषाक्त गैसों के कारण बीमार पड़ सकते हैं।
शनिवार की शाम सेक्टर 23 कार्टरपुरी के कूड़ा जमा करने वाले स्थल पर कूड़े में आग लगी थी। नगर निगम द्वारा तय इस जगह पर छह वार्ड का कचरा डंप किया जाता है। दमकल की गाड़ियों ने आकर शनिवार की रात इस आग को बुझा तो दिया मगर इसके धुएं से आस-पास के इलाके के लोग परेशान रहे है। लोगों ने बताया कि जल जाने के बाद भी इसका धुआं सोमवार तक दिख रहा है।
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नगर निगम से मिली सूचना के अनुसार एक अक्तूबर से लेकर अबतक निगम ने कूड़े में नौ जगह आग लगाने के लिए 45,000 रुपये के चालान किए। निगम के प्रवक्ता ने बताया कि कूड़ा जलाने के मामले ज्यादा है मगर चालान तभी हो सकता है जब कूड़ा जलाने वाले को मौके पर पकड़ा जा सके या उसकी पूरी सूचना हो कि किसी व्यक्ति ने जलाया है। कूड़ा जलाने वाले लोग नहीं मिलते इस कारण चालान नहीं हो पाता है। सिटिजन फॉर क्लीन एयर की संयोजिका रुचिका सेठी ने बताया कि जगह-जगह कूड़ा जलाया जाना बहुत खतरनाक है। उन्होंने पिछले दिनों उपायुक्त से मिलकर इस पर सख्ती और जन-जागरूकता के अभियान का अनुरोध किया था।
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कई तरह की बीमारियां पैदा कर सकता है कचरे का धुआं

पर्यावरणविद और वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डा. संजय मेहता ने बताया कि उपायुक्त के अनुरोध पर उन्होंने कूड़ा जलाने से रोकने के प्रचार प्रसार के लिए एक वॉयस और लिखित संदेश जिला जनसंपर्क अधिकारी के पास भेजा था। उसमें बताया गया है कि कूड़ा जलने से महीन तत्व हवा में उड़ते हैं और सांस के रास्ते रक्त में पहुंच जाते है। यह कचरा हमारे फेफड़ों के जरिये हमारे शरीर के कई अंगों पर प्रभाव डालता है। दमा के शिकार लोगों के लिए यह बहुत खतरनाक है।्र प्लास्टिक कचरे के जलने से निकलने वाला धुआं शरीर में जाने से ब्लड कैंसर, लंग्स कैंसर जैसी बीमारियों की वजह बन सकता है। इसलिए कचरे को सही तरीके से निष्पादित करे, उसे नहीं जलाएं। जिला जनसंपर्क अधिकारी बिजयेंद्र कुमार ने बताया कि कूड़ा जलाने के नुकसान को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो और संदेश प्रसारित कर रहे हैं। इसमें डॉ. संजय मेहता के सुझाव शामिल किए गए हैं। सीएमओ विरेंद्र यादव ने बताया कि जिला अस्पताल के ओपीडी कार्ड में भी कूड़े को जलाकर खत्म किए जाने के खतरे से लोगों को आगाह किया गया है। ऐसे में लोग कूड़े को जलाने से बचे।
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