दो-तीन दिन में टीम गुरुग्राम जाएगी, सीबीआरआई की राय का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में असुरक्षित घोषित टावरों को तोड़ने के लिए बिल्डर नोएडा में ट्विन टावरों को ध्वस्त करने वाली कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग की मदद लेगा। खर्च का आकलन करने के लिए कंपनी के इंजीनियर दो-तीन दिन में चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के असुरक्षित टावरों का सर्वे करेंगे। दूसरी ओर सीबीआरआई से भी तोड़ने को लेकर राय मांगी गई है।
चिनटेल्स के बिल्डर जेएन यादव का कहना हैं कि कंपनी ने अपने स्तर पर असुरक्षित भवनों को तोड़ने के लिए नोएडा में ट्विन टावर को तोड़ने वाली कंपनी से मदद मांगी है। एडिफिस कंपनी सभी टावरों को देखने के बाद उन्हें ध्वस्त करने में आने वाले अनुमानित बजट पर राय देगी। यादव ने बताया कि अपने स्तर पर भी तैयारियां पूरी की जा रही है। इन टावरों तो ध्वस्त करने में करीब छह माह का समय लग सकता है। जेएन यादव ने कहा कि सीबीआरआई (केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान) से भी इस बारे में सलाह मांगी गई है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी के टावर एक दूसरे से काफी नजदीक हैं। ऐसे में विस्फोट का प्रयोग करना खतरे से भरा होगा। ऐसे में मैनुअल भवन को तोड़ने के विकल्प को देखा जा रहा है। कंपनी इसे लेकर सभी प्रकार की तैयारियां कर रही है।
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बैरिकेडिंग का काम नहीं हुआ शुरू
आरडब्ल्यूए प्रधान राकेश हुड्डा ने बताया कि एडीसी ने हाल में सोसाइटी का दौरा कर टावरों की बैरिकेडिंग करने को कहा था। उन्होंने टावरों को तोड़ने के भी निर्देश दिए थे। हुड्डा ने बताया कि बिल्डर से इसे लेकर अभी तक कदम नहीं उठाया है। उनका कहना हैं कि जल्द ही आरडब्ल्यूए के लोग एडीसी से मिलकर जल्द बैरिकेडिंग कराने को कहेंगे। उनका कहना हैं कि असुरक्षित घोषित टावरों पर ही बैरिकेडिंग होनी चाहिए। वहीं कंपनी का कहना हैं कि आईआईटी की ओर से अनसेफ घोषित पूरी जगह की बैरिकेडिंग होनी चाहिए। इस बारे में डीसी निशांत यादव को ईमेल पर पूरी बात की जानकारी दी गई है। उनका कहना हैं कि प्रशासन के निर्देश पर टावरों के बैरिकेडिंग की जाएगी। बता दें कि 10 फरवरी 2022 को डी टावर में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी थी। कमेटी ने रिपोर्ट नवंबर 2022 में सौंप दी थी। इसमें पांच टावरों को अनसेफ घोषित कर दिया था।