राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लिया गया निर्णय
120 यातायात कर्मी वाहनों पर नजर रखेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दिल्ली में शनिवार से बीएस-तीन वाहनों का प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। दिल्ली में बीएस-तीन के वाहन प्रवेश न करें, इसके लिए यातायात पुलिस ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। करीब 120 यातायात कर्मी इन पर नजर रखेंगे और वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने देंगे। हालांकि बीएस-चार के निजी वाहनों को एक साल की छूट दी गई है, उन्हें नहीं रोका जाएगा।
पुलिस उपायुक्त यातायात डॉ. राजेश मोहन ने बताया कि दिल्ली में केवल बीएस-चार निजी वाहन, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रवेश की अनुमति रहेगी। एंबुलेंस के प्रवेश पर किसी भी तरह की रोक नहीं रहेगी। बीएस-तीन के सभी ट्रक, पिकअप वैन और अन्य व्यावसायिक मालवाहकों को दिल्ली बॉर्डर पर ही रोक दिया जाएगा। उन्हें वहीं से वापस लौटा दिया जएगा। यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए लिया गया है।
प्रतिबंधित वाहनों को अगर उत्तर प्रदेश या हरियाणा के अन्य जिलों में जाना है तो वह कुंडली- मानेसर -पलवल (केएमपी) और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) से होकर जा सकते हैं।
सरहौल बॉर्डर, द्वारका एक्सप्रेसवे और खेड़कीदौला टोल पर विशेष नाके
यातायात पुलिस की तरफ से सरहौल बॉर्डर, द्वारका एक्सप्रेसवे और खेड़कीदौला टोल पर विशेष नाके लगाए जाएंगे। खेड़कीदौला टोल पर लगे कैमरों से वाहनों की बीएस श्रेणी के बारे में पता चल जाएगा। अगर वह बीएस-तीन के हुए और दिल्ली जा रहे हैं तो उन्हें वहीं से वापस कर दिया जाएगा। ऐसे ही द्वारका एक्सप्रेसवे और सरहौल बॉर्डर पर पुलिस टीमें वाहनों की जांच करेंगी। इस दौरान एक रजिस्टर बनाया जाएगा। रजिस्टर में प्रतिबंधित वाहन चालकों का ब्योरा दर्ज किया जाएगा।
सभी ट्रांसपोर्टरों को इसके बारे में जानकारी दे दी गई है। 120 यातायात पुलिसकर्मी भी वाहनों पर नजर रखने के साथ ही जाम न लगे, इस पर ध्यान रखेंगे। किसी भी प्रतिबंधित वाहन को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
- डाॅ. राजेश मोहना, पुलिस उपायुक्त यातायात