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Gurugram News: शहर में मुफ्त कूड़ा उठाने का प्रचार, वसूली पर लोग उठा रहे सवाल

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सिस्टम पर सवाल : कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के चालक काट रहे 50 रुपये की रसीद
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लोग बोले-हर महीने 50 रुपये वसूलते हैं लेकिन पर्ची नहीं देते
36 वार्डों के पार्षद भी कर रहे निगम की मुफ्त सेवा का गुणगान


अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम के चारों जोन में हर घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था मुफ्त है। नगर निगम की ओर से कूड़ा उठाने वाली एजेंसियों को भुगतान किया जाता है। निगम की इस सेवा का प्रचार-प्रसार 36 वार्डों के पार्षद भी कर रहे हैं, लेकिन निगम की कुछ कॉलाेनियों में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के चालकों की ओर से 50 रुपये की रसीद काटी जा रही है। इस काम में उनकी मदद काॅलोनियों के लोगाें की ओर से किए जाने की बात सामने आ रही है।
बता दें कि करीब आठ माह पहले काम करने वाली एजेंसी के साथ नगर निगम का करार था जिसमें एजेंसी संचालक को पैसा वसूलने का अधिकार था। नगर निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने खराब व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नई एजेंसी को काम सौंपा जिसमें उसे भवन मालिकों से वसूली करने का कोई करार नहीं है।
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नगर निगम की ओर से हर घर से कूड़ा उठाने वाली नई व्यवस्था के तहत सात साल का करार किया जाना है। इस व्यवस्था के तहत बार-बार सफाई एजेंसी नहीं बदली जानी है। इसे लेकर नगर निगम की ओर से मुख्यालय प्रपोजल भेजा जा चुका है जिसमें संशोधन के लिए उसे वापस भेजा गया है। जल्द ही संशोधित प्रपोजल नगर निगम की ओर से मुख्यालय भेजा जाएगा।






लोगों की प्रतिक्रिया
कूड़े की गाड़ी वाले हर महीने 50 रुपये वसूलते हैं लेकिन पर्ची नहीं देते। पूछने पर कहते हैं कि पर्ची छपने गई हैं जबकि कूड़ा उठाने की सेवा नगर निगम द्वारा निशुल्क होनी चाहिए। इस तरह की अनियमित वसूली से लोग परेशान और भ्रमित हैं।

- विकास हुड्डा, प्रधान, अशोक विहार, फेज-3

गली में कचरा उठाने वाली गाड़ी तो आ रही है लेकिन हर महीने 50 रुपये की पर्ची काट रही है, जो कई निवासियों को गलत लग रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह सेवा ईको ग्रीन दे रही है, जिसे कोर्ट पहले ही ब्लैक लिस्ट कर चुका है। फिर भी वसूली जारी है।
- मनोज यादव, शीतला काॅलोनी, निवासी



जिले में कूड़ा उठाने की व्यवस्था निशुल्क होनी चाहिए लेकिन यहां लोग हर महीने पैसे वसूल रहे हैं। पर्ची भी समय पर नहीं देते और बिना किसी सूचना के रेट बढ़ा देते हैं। न तो निगरानी है न पारदर्शिता, जिससे लोग असमंजस और असुविधा में रहते हैं।
- अनिल, धर्म काॅलोनी, निवासी

कचरा गाड़ी कभी पर्ची देती है, तो कभी बिना पर्ची के ही पैसे लेकर चली जाती है। सेवा में कोई नियमितता नहीं है, कई बार गाड़ी दिनभर नहीं आती। लोग असमंजस में हैं कि भुगतान किस आधार पर हो रहा है जबकि सेवा की गुणवत्ता भी बेहद खराब है।
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-राज सिंह, अशोक विहार, फेज-3



नगर निगम क्षेत्रों में हर घर से कूड़ा उठाने के लिए अलग-अलग एजेंसी से करार किया गया है जिसका भुगतान नगर निगम की ओर से किया जाता है। अगर कोई गाड़ी चालक कूड़ा उठाने के लिए पैसा मांगता है तो गलत है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- रवीन्द्र यादव, अतिरिक्त, आयुक्त, नगर निगम
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