भावांतर भरपाई योजना का घोटाला, महिला सहित दो जालसाजों पर केस दर्ज।
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। क्षेत्र में भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को मिलने वाली अनुदान राशि में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री उड़न दस्ता रेवाड़ी टीम की जांच और शिकायत के बाद तावडू सदर थाना पुलिस ने इस मामले में अख्तरी पत्नी सहजाद और शोयब पुत्र मोहम्मद निवासी बावला थाना पर केस दर्ज किया है।
सीएम फ्लाइंग की जांच में खुलासा हुआ कि अख्तरी और शोयब ने वर्ष 2023 में खरीफ बाजरे की फसल के लिए रेवाड़ी जिले के गांव बैरियावास के किसानों की जमीन का बिना अनुमति के जालसाजी के जरिए ''''मेरी फसल मेरा ब्यौरा'''' पोर्टल पर फर्जी रजिस्ट्रेशन कराया। अख्तरी ने फर्जीवाड़ा करने के उद्देश्य से सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के एक खाता संख्या, पीपीपी आईडी और अपने मोबाइल नंबर का पंजीकरण में उपयोग किया। वहीं इसी प्रकार शोयब ने भी पंजाब नेशनल बैंक शाखा तावडू का खाता और मोबाइल नंबर और पीपीपी आईडी का प्रयोग किया।
जानकारी के अनुसार गांव बैरियावास के किसानों ने जांच के दौरान बताया कि उन्होंने अपनी जमीन अख्तरी या शोयब को न तो किराए पर दी और न ही बटाई पर। जब 2023 में अपनी जमीन पर बाजरे की फसल के लिए भावांतर भरपाई योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने गए, तो उन्हें पता चला कि उनकी जमीन पर पहले ही फर्जी रजिस्ट्रेशन हो चुका है। हालांकि, जांच में पाया गया कि सरकारी अनुदान राशि इन फर्जी खातों में जमा नहीं हुई, लेकिन जालसाजों ने अनुदान राशि हड़पने की मंशा से यह धोखाधड़ी की। मुख्यमंत्री उड़न दस्ता, रेवाड़ी के निरीक्षक सतेंद्र कुमार की जांच में यह सामने आया कि यह घोटाला सुनियोजित तरीके से प्रशासनिक कर्मचारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।