फर्रुखनगर। खवासपुर गांव के पास अमेजन कंपनी के समान से भरा कैंटर लूटने के आरोप में 4 लोगों को पुलिस ने जौरासी गांव से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लूटे गए करीब 20 लाख रुपये की कीमत का समान और गाड़ी भी बरामद की है। इन पकड़े गए आरोपियों की पहचान नूंह जिला निवासी सुनील, दिनेश, राहुल, और दीपक के रूप में हुई है।
एसीपी(क्राइम) प्रीतपाल ने बताया कि बिहार के सिवान जिला निवासी अंशार अली ने 18 फरवरी को पुलिस को सूचना दी कि गोल्डन ऐरो लॉजिस्टिक कंपनी के कैंटर पर दो साल से ड्राइवर है। उसी दिन वह जमालपुर वेयरहाउस से सुबह करीब सवा तीन बजे अमेजन कंपनी का समान से भरा हुआ कैंटर लेकर गुरुग्राम जा रहा था। जब वह खवासपुर गांव के पास पहुंचा तो सड़क पर एक बाइक के साथ चार युवक खड़े थे। आरोपियों ने बाइक कैंटर के आगे खड़ी कर दी। उसी समय एक युवक ने लिफ्ट मांगी। अंशार ने लिफ्ट देने से मना किया तो तीन लड़के गाड़ी में जबरन चढ़ गए और मारने पीटने लगे। उसके बाद एक लड़का कैंटर चलाने लगा। अंशार का मोबाइल भी छीन लिया। कुछ दूर चलने के बाद आरोपियों ने उसे कपड़ीवास इलाके में सरसों के खेत में फेंक दिया।
एसीपी ने बताया कि अंशार अली की सूचना पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरू की। जिसके बाद पुलिस ने कैंटर को रेवाड़ी जिले के धारुहेरा के पास सड़क से बरामद किया। साथ में आरोपियों को भी गिरफ्तार किया ।
लॉजिस्टिक कंपनी में एक आरोपी करता था नौकरी
एसीपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि सुनील पहले लॉजिस्टिक कंपनी के लिए गाड़ी चलाता था। जिसकी वजह से वह जानता था कि वेयरहाउस के कैंटरों में लाखों का सामान आता जाता है। सुनील ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर वेयरहाउस के कैंटर लूटने का योजना बनाई थी।
लूट का समान रखने को किराये पर लिया था मकान
एसीपी ने बताया कि आरोपी सुनील ने योजना बनाने के बाद लूटे हुए माल को रखने के लिए भिवाड़ी में किराये का मकान लिया था। जिससे लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद माल को रखने के लिए किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े। आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से कैंटर लूटने के बाद भिवाड़ी पहुंचकर पहले मकान में पूरा समान उतार दिया। उसके बाद कैंटर को धारुहेड़ा के पास छोड़ दिया।