सेक्टर-14 थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज से प्लॉट बेचने के मामले में आरोपी है रोशनी बिश्नोई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा के पूर्व सीएम भजनलाल की बेटी पर भगोड़ा घोषित होने की तलवार लटक रही है। अगर वह फर्जी दस्तावेज बनाकर प्लाट बेचने के मामले में अदालत की तरफ से दी गई तारीख तक पेश नहीं होती है तो उनको भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा। यह आदेश ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सचिन कुमार सिंह की अदालत ने दिया है। अब अदालत ने 10 नवंबर 2026 तक रोशनी बिश्नोई को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह आदेश अनूप बिश्नोई और अन्य के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले में सुनवाई के दौरान दिया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई छह अक्तूबर को होगी।
मामले की सुनवाई के दौरान, शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत में तत्कालीन पुलिस आयुक्त गुरुग्राम द्वारा अनूप बिश्नोई की जमानत याचिका में दायर हलफनामे, उच्च न्यायालय और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के अनूप बिश्नोई की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने वाले दस्तावेज पेश किए गए। शिकायतकर्ता के वकील ने अनुरोध किया कि इन दस्तावेज पर विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख द्वारा दायर जवाब पर विचार किया जाए। अदालत ने दलीलों और प्रमाणित प्रतियां पेश करने के लिए समय देने का अनुरोध स्वीकार किया।
रोशनी बिश्नोई के खिलाफ नया उद्घोषणा आदेश
अदालत ने पाया कि 20 अगस्त 2026 के पिछले आदेश में रोशनी बिश्नोई को पेश होने की विशिष्ट तारीख का उल्लेख नहीं था। यह गलती से रह गया था। निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए, अदालत ने रोशनी बिश्नोई के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत नया उद्घोषणा आदेश जारी करने का निर्देश दिया। उन्हें 10 नवंबर 2026 को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने उद्घोषणा को 6 अक्तूबर 2026 को या उससे पहले निष्पादित करने का निर्देश दिया। इससे रोशनी बिश्नोई को पेश होने के लिए न्यूनतम 30 दिन का समय मिलेगा। निष्पादक पुलिस अधिकारी को 6 अक्तूबर को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने का भी निर्देश दिया गया है।