गुरुग्राम। अधिकारियों द्वारा रुपये मांगने से तनाव में आये बिजली निगम के पूर्व क्लर्क देवकी नंदन (58) ने पंखे से लटककर जान दे दी। उनका शव कमरे में लटका मिला। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर शव नीचे उतारा। सूचना मिलते पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शहर थाना पुलिस ने मृतक के बेटे धीरज की शिकायत पर बिजली निगम के एसडीओ गौरव चौधरी को नामजद कर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।
जैकबपुरा निवासी देवकी नंदन बिजली निगम में कलर्क थे और 31 अगस्त को सेवानिवृत हुए थे। सेवानिवृति से करीब पांच महीने पहले से देवकी नंदन काफी तनाव में थे। बेटे धीरज ने बताया कि उसके पिता ने कार्यालय की 18.42 लाख रुपये की राशि रेडियंट कैश कलेक्शन एजेंसी के कर्मचारी दीपक को दी थी। इस राशि की रसीद दीपक से लेकर लेकर उन्होंने कार्यालय के रिकॉर्ड में जमा करा दी थी। आरोप है कि यह राशि कार्यालय के बैंक खाते में जमा होने के बाद भी एसडीओ गौरव चौधरी समेत अन्य स्टाफ लगातार देवकी नंदन पर दबाव बना रहे थे। रुपये न देने पर उनके खिलाफ केस दर्ज कराने की धमकी दी जा रही थी।
परेशान होकर सोमवार को देवकी नंदन ने कमरे में पंखे से चुन्नी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। देवकी नंदन की पत्नी सरला सोमवार सुबह जब चाय देने के लिए कमरे में गई तो कमरा बंद था। कई बार आवाज लगाने पर भी जब कमरा नहीं खुला तो सरला ने अपने छोटे बेटे नीरज को बुलवाया। दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया। वहीं, एसडीओ गौरव चौधरी ने आरोपों को गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।