जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, सीआरडीएफ और विभिन्न विभागों ने संयुक्त अभ्यास किया
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल के अंतगर्त आपदा प्रबंधन व्यवस्था की तैयारियों और प्रभावशीलता को परखा। हरियाणा सरकार के निर्देश पर आयोजित इस अभ्यास के तहत मोहना-बागपुर पुल के क्षतिग्रस्त होने और बाढ़ जैसी स्थिति का दृश्य तैयार किया गया। जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, सीआरडीएफ और विभिन्न विभागों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्यों का सफलतापूर्वक अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, जलभराव, पुल टूटने और राहत कार्यों जैसी परिस्थितियों का अभ्यास किया गया। बचाव कार्यों में नाव, मोटर बोट, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई थी। घायल लोगों को रेडक्रॉस वालंटियर्स की ओर से सीपीआर और प्राथमिक उपचार देकर एंबुलेंस के माध्यम से जिला नागरिक अस्पताल भेजा गया।जिला सचिवालय में बनाए गए कंट्रोल रूम से सीईओ जिला परिषद जितेंद्र कुमार और एसडीएम पलवल भूपेंद्र सिंह ने पूरी मॉक ड्रिल की मॉनिटरिंग की।
लाइव कैमरों के जरिये हर गतिविधि पर नजर रखी गई। अभ्यास के दौरान राहत शिविर, चिकित्सा सुविधाएं, ट्रैफिक नियंत्रण और संचार व्यवस्था का भी परीक्षण किया गया। एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जिला यमुना नदी के निकट होने के कारण बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे में इस प्रकार की मॉक ड्रिल विभागों की तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि वास्तविक आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए इस तरह के अभ्यास बेहद जरूरी हैं। मॉक ड्रिल में स्वास्थ्य विभाग, बिजली निगम, फायर विभाग, रेडक्रॉस, परिवहन विभाग, पुलिस और अन्य विभागों ने भाग लेकर अपनी कार्यकुशलता का प्रदर्शन किया।