प्रदर्शन, परिचालन क्षमता और यात्री सुविधाओं का मूल्यांकन होगा
25 ई-बसें पहले चरण में आएंगी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) ने अपने बेड़े में पहली इलेक्ट्रिक बस शामिल कर सार्वजनिक परिवहन को हरित और आधुनिक बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। पूरी तरह वातानुकूलित 25 सीटों वाली इस बस का नियमित संचालन शुरू करने से पहले विभिन्न मार्गों पर तीन दिन तक ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान बस के प्रदर्शन, परिचालन क्षमता और यात्री सुविधाओं का मूल्यांकन होगा।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि यह 100 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना का पहला चरण है। शुरुआत में 25 इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी, जबकि चरणबद्ध तरीके से कुल 100 ई-बसें चलाई जाएंगी। सीईओ ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के साथ जीएमसीबीएल डिजिटल सेवाओं को भी बढ़ावा दे रहा है। इसी क्रम में नए और उन्नत लूप कार्ड का परीक्षण शुरू कर दिया गया है, जिसे जल्द यात्रियों के लिए लॉन्च किया जाएगा। 100 रुपये के शुरुआती भुगतान पर मिलने वाले इस प्रीपेड स्मार्ट कार्ड की पूरी राशि किराये में उपयोग की जा सकेगी। कार्डधारकों को प्रत्येक यात्रा पर दो प्रतिशत किराये की छूट मिलेगी और ऑनलाइन रिचार्ज की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
यूपीआई से किराये की भुगतान की सुविधा
मौजूदा स्मार्ट कार्ड धारक अपनी शेष राशि नए लूप कार्ड में ट्रांसफर करा सकेंगे। यह कार्ड बस परिचालकों के अलावा इफको चौक और मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-52 और सेक्टर-10 बस डिपो, डूंडाहेड़ा बस स्टॉप तथा हीरो होंडा चौक बस स्टॉप पर उपलब्ध कराया जाएगा। जीएमसीबीएल ने गुरुगमन की सभी बसों में किसी भी यूपीआई प्लेटफॉर्म से किराया भुगतान की सुविधा भी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी परिचालकों को स्मार्ट पीओएस मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। यात्री किसी भी यूपीआई-सक्षम मोबाइल एप के माध्यम से बस में ही सुरक्षित और कैशलेस तरीके से किराया जमा कर सकेंगे।
कुल किराये का 28 प्रतिशत डिजिटल माध्यम से मिल रहा
पीसी मीणा ने बताया कि वर्तमान में गुरुगमन बसों के कुल किराये का लगभग 28 प्रतिशत डिजिटल माध्यम से प्राप्त हो रहा है। जीएमसीबीएल का लक्ष्य कैशलेस भुगतान को और बढ़ावा देकर यात्रा को अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें, स्मार्ट टिकटिंग और डिजिटल भुगतान जैसी पहलें गुरुग्राम में तकनीक आधारित, आधुनिक और यात्री-केंद्रित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अभी जीएमबीसीएल की ओर से 150 बसों का विभिन्न रुटों पर संचालन किया जा रहा है। ई-बसों के लिए सेक्टर दस और सेक्टर 48 में चार्जिंग का इंतजाम कराया गया है। लोगों को एसी बसों का लंबे समय से इंतजार है।