द्वारका एक्सप्रेसवे में फायर ब्रिगेड का कोई केंद्र नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नए गुरुग्राम का एक बड़ा हिस्सा औद्योगिक इलाकों के साथ बसा है। द्वारका एक्सप्रेसवे, मानेसर व अन्य इलाकों में औद्योगिक कचरे, प्लास्टिक के ढेर में आग लगने के कारण लोगों को प्रदूषित हवा का सामना करना पड़ रहा है।
अनधिकृत गोदामों में आग और कचरे में आग के कारण इस हफ्ते मानेसर से लेकर द्वारका एक्सप्रेसवे तक की सोसाइटियों को प्रदूषित हवा की परेशानी झेलनी पड़ी। शनिवार की शाम बजघेड़ा के पास स्क्रैप में लगी आग से सेक्टर-113 में काले धुएं से हो रहे प्रदूषण के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। प्लास्टिक और लकड़ी के वर्कशाॅप में लगी आग को बुझाने के लिए टाटा ला विडा सोसाइटी में 50 से अधिक टैंकरों को भरना पड़ा। द्वारका एक्सप्रेसवे में फायर ब्रिगेड का कोई केंद्र नहीं है। द्वारका एक्सप्रेसवे गुड़गांव डेवलपमेंट एसोसिएशन के सह संयोजक सुनील सरीन बताते हैं कि हालांकि अब आग पर काबू पा लिया गया है लेकिन दमकल कर्मियों को खस्ताहाल, गड्ढों से भरी सड़कों पर बेहद जोखिम उठाकर काम करना पड़ा, जिनकी मरम्मत विभागीय लालफीताशाही में फंसी हुई है। इसके साथ ही, उन्हें लगभग पूरी तरह अंधेरे में काम करना पड़ा, क्योंकि एक वर्ष पहले लगाए गए स्ट्रीट लाइट्स में अब तक साधारण बिजली कनेक्शन भी नहीं दिया गया है। द्वारका एक्सप्रेसवे पर करीब 13 ऐेसे प्वाइंट हैं, जहां कबाड़ वाले स्क्रैप जमा करते हैं। गर्मी के मौसम में यहां आग लगती रहती है।
वर्जन
यह केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि उस प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है, जो सुरक्षा मानकों और बुनियादी सड़क कनेक्टिविटी को नजरअंदाज करती रही है। -क्षितिज शर्मा, महासचिव, टाटा ला वीद, सेक्टर-113
अवैध गोदामों के कारण टाटा ला विडा, पुरी डिप्लोमेट ग्रींस के निवासियों का जोखिम बढ़ गया है। यहां वायु गुणवत्ता में गिरावट और लगातार ध्वनि प्रदूषण की शिकायत पूरे साल स्वीकार्य सीमा से ज्यादा रहती है। -ऋषभ जोशी, अध्यक्ष टाटा ला विडा सेक्टर-113
अवैध गोदाम और बिना अनुमति वाले ऐसे उद्योग सुरक्षा व पर्यावरण की दृष्टि से बेहद खतरनाक हैं, उन पर नियंत्रण होना चाहिए। ये न सिर्फ नियमों का उल्लंघन हैं बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता से खिलवाड़ भी है। -बृज किशोर, सत्या हर्मिटेज, सेक्टर-103
द्वारका एक्सप्रेसवे पर दमकल के कार्यालय और औद्योगिक कचरे पर नियंत्रण की सख्त जरूरत है। गोदामों और औद्योगिक क्षेत्र की अनधिकृत गतिविधियों पर नजर रखना भी बेहद जरूरी है। -कर्नल हरि भगवान, पूर्व अध्यक्ष ओएस्टर ग्रैंड, सेक्टर-102