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Gurugram News: रामप्रस्था कंपनी में वित्तीय लेनदेन में गबन पर पूर्व निदेशक समेत 10 पर प्राथमिकी

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सर्वर का पासवर्ड बदलकर डाटा ब्लॉक करने के साथ कंपनी कर्मी से मारपीट का आरोप
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जिला अदालत के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई
नंबर गेम- 10 अक्तूबर को अगली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रामप्रस्था कंपनी में भारी वित्तीय हेराफेरी, सर्वर का पासवर्ड बदलकर डाटा ब्लॉक करने और कंपनी कर्मी के साथ मारपीट करने के मामले में जिला अदालत ने कंपनी के निदेशक समेत 10 पर पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। आदेश पर सुशांत लोक थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। यह आदेश ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अभिषेक चौधरी की अदालत ने दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 10 अक्तूबर को होगी। आरोपियों में अरविंद वालिया, आशीष आहूलवालिया, आशीष यादव, राठी पाल सिंह, संजय कुमार, नमित महलोत्रा, निखिल जैन, दीपा अग्रवाल, राजेंद्र राठी और सुदीप शर्मा के नाम शामिल हैं।

रामप्रस्थ प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स कंपनी की तरफ से अदालत में याचिका दायर कर कहा गया था कि 16 नवंबर 2023 को कंपनी के चेयरमैन एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट एन.पीएस. चौहान ने कंपनी के खातों में अनियमितता की जानकारी दी थी। कंपनी ने जांच कराई तो पता चला कि तत्कालीन कंपनी के निदेशक अरविंद वालिया ने कंपनी के फंड में हेराफेरी की है और कर्मचारियों को इस बात की जानकारी चेयरमैन या अन्य डायरेक्टरों को न देने के लिए मना किया है।
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संजय कुमार और नमित मल्होत्रा ने अरविंद वालिया के इशारे पर कंपनी के कंप्यूटर के पासवर्ड बदल दिए और सर्वर का एक्सेस पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। जब कंपनी के निदेशक संदीप यादव ने घर खरीदारों के पेमेंट स्टेटस की जानकारी मांगी, तो नमित मल्होत्रा ने जानकारी देने से मना कर दिया। अदालत में दायर की गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि संजय कुमार के निर्देश पर अन्य आरोपी कर्मचारियों ने ऑफिस से कंपनी के सभी गोपनीय दस्तावेज, कंप्यूटर, लैपटॉप और डीवीआर एकत्र कर लिए। जब संदीप यादव ने रोकने का प्रयास किया आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी।
अदालत ने शिकायतकर्ता के पक्ष की दलील सुनकर कहा कि यह केवल हिसाब-किताब या रुपये की वसूली का निजी विवाद नहीं है। इसमें कंपनी के डाटा की चोरी, फॉरेंसिक विश्लेषण की जरूरत वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बरामदगी, सर्वर का दुरुपयोग और हथियार दिखाकर जानलेवा धमकी देना शामिल है। गबन किए गए फंड का पता लगाना, सर्वर पासवर्ड बदलना और ट्रक में भरकर ले जाए गए डीवीआर, कंप्यूटर व वित्तीय फाइलों की बरामदगी शिकायतकर्ता खुद नहीं कर सकता। इसके लिए पुलिस की फॉरेंसिक जांच और निष्पक्ष जांच एजेंसी की सख्त कार्रवाई अनिवार्य है।
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कंपनी के निदेशक पर तानी बंदूक
17 नवंबर 2023 की रात को संदीप यादव को सिक्योरिटी इंचार्ज ने फोन पर बताया कि एक ट्रक ऑफिस का सारा सामान और फाइलों की हार्ड कॉपी लोड कर ले जा रहा है। सूचना मिलने पर संदीप यादव मौके पर पहुंच गए। उनका आरोप है कि वहां पर आशीष अहलूवालिया, आशीष यादव और राठी पॉल से बहस हो गई। इसी दौरान राजेंद्र राठी कमरे में घुसा और उसने संदीप यादव व बलवान सिंह यादव पर बंदूक तान दी और जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना की सूचना पुलिस को दी गई और औपचारिक शिकायत भी दी गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
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