28 अप्रैल को बादशाहपुर थाने में एप से सल्फास मंगाकर किशोर के खाने के मामले में कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बादशाहपुर थाना पुलिस ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी और एक विक्रेता के खिलाफ प्रतिबंधित सल्फास बेचने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई 17 वर्षीय किशोर की सल्फास खाने से हुई मौत के बाद मां की शिकायत पर की गई है। मां का आरोप है कि कंपनी ने बिना किसी सत्यापन के उनके बेटे को सल्फास बेचा, जिससे उसकी जान चली गई।
टीकली गांव निवासी अनुराधा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनके बेटे यूवी (17) ने बारहवीं कक्षा के पेपर दिए थे। 28 अप्रैल 2026 को जहरीला पदार्थ खाने से उसकी मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद अनुराधा ने उसका मोबाइल जांचा। मोबाइल में 11 अप्रैल 2026 को कंपनी से सल्फास खरीदने का ऑर्डर मिला। यह सल्फास सूरत, गुजरात स्थित परमार पंकज भरत भाई के एवरग्रीन एग्रो एंड गार्डनिंग मॉल द्वारा बेचा गया था। अनुराधा ने आरोप लगाया कि सल्फास विक्रेता कंपनी ने बिना किसी जांच के उनके नाबालिग बेटे को प्रतिबंधित सल्फास बेचा। उन्होंने इसे कानूनी नियमों का घोर उल्लंघन बताया।
अनुराधा ने अपने बयान में कहा कि सल्फास जैसे प्रतिबंधित पदार्थ को आम आदमी को बिना सत्यापन बेचना अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि एप और परमार पंकज भरत भाई के अधिकारियों व कर्मचारियों ने कानून का उल्लंघन किया है। इस बिक्री ने उनके बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने में सहायता की।
पुलिस ने पहले 28 अप्रैल 2026 को यूवी के पिता सतीश मेहरा के बयान पर कार्रवाई की थी। पुलिस ने मृतक यूवी का पोस्टमार्टम कराया था। विसरा और रक्त के नमूने जांच के लिए एफएसएल भोंडसी भेजे गए। अनुराधा ने गुरुग्राम न्यायालय में एक याचिका भी दायर की थी। इस याचिका और उनके बयान के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि संबंधित इनवॉइस से प्रथम दृष्टया अपराध धारा 106 और 286 बीएनएस के तहत पाया गया है। बादशाहपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है।