संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली प्रो वॉलीबॉल लीग (डीपीवीएल) के ट्रायल्स का अंतिम चरण रविवार को कड़कड़डूमा स्थित लक्ष्मी पब्लिक स्कूल में संपन्न हो गया। इसमें देश के 20 से अधिक राज्यों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। अब खिलाड़ियों के अंतिम चयन की प्रक्रिया शुरू होगी।
डीपीवीएल की सह-संस्थापक नीति रावत ने कहा कि देशभर से आए युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा और खेल के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है। भारतीय वॉलीबॉल के भविष्य के सितारों को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। सह-संस्थापक जसोदा गुलिया ने कहा कि डीपीवीएल का उद्देश्य खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों के लिए एक पेशेवर मंच तैयार करना है।
दिल्ली ओलंपिक एसोसिएशन के सीईओ कुलदीप वत्स ने कहा कि खिलाड़ियों का उत्साह और प्रतिभा इस बात का संकेत है कि देश में वॉलीबॉल का भविष्य उज्ज्वल है। डीपीवीएल जैसी पहल उभरती प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने में अहम भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम में शिक्षा निदेशालय के उप शिक्षा निदेशक (खेल) एस. सुनील, दिल्ली ओलंपिक एसोसिएशन के संरक्षक संजीव शर्मा और दिल्ली वॉलीबॉल एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं भारतीय वॉलीबॉल खिलाड़ी विनीत कुमार, प्रिंस मलिक, समीर चौधरी और तनिष्क ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।