सहमति संबंध के साथ रह रहा था आरोपी, बच्चे की मां की शिकायत पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पांच माह के मासूम बच्चे को जहर देकर हत्या करने वाले आरोपी पिता की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी विक्रमजीत की जमानत रद की है। यह आदेश जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा की अदालत ने दिया है। बच्चे की मां की शिकायत पर बिलासपुर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।
पांच जनवरी 2025 को पुलिस को निजी अस्पताल से सूचना मिली थी कि पांच माह के बच्चे रयान को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया है। बच्चे की मां ने शिकायत में बताया कि वह 2023 से विक्रमजीत के साथ सहमति संबंध में रह रही थी। गर्भवती होने पर विक्रमजीत ने गर्भपात का दबाव बनाया था। बच्चे के जन्म के बाद दोनों के बीच विवाद होने पर वह उससे अलग रहने लगी। चार जनवरी 2025 की शाम करीब पांच बजे बच्चे को दूध पिलाने के बाद विक्रमजीत बच्चे को घुमाने के लिए बाहर ले गया। कुछ देर बाद बच्चे के मुंह से दूध और झाग निकलते देख उसे अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि प्राथमिकी दर्ज होने के काफी समय बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। याचिकाकर्ता और बच्चे की मां आपसी सहमति में रह रहे थे इसका भी कोई सबूत नहीं है। अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि बच्चे की हत्या के स्पष्ट आरोप हैं और एफएसएल रिपोर्ट में बच्चे की मौत का कारण एल्यूमीनियम फास्फाइड से जहर दिया जाना सामने आया है। आरोपी को जमानत देने पर शिकायतकर्ता महिला को प्रभावित करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका भी है।