मानेसर में हुई महापंचायत में मौजूद किसान
-गांव कुकड़ौला, सररावन, फजलवास, नैनवाल के किसानों ने की महापंचायत
-जमीन अधिग्रहण का है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मानेसर में जमीन अधिग्रहण को लेकर रविवार को वहां के किसानों ने किसान महासंघर्ष कमेटी के बैनर तले महापंचायत की। हरियाणा सरकार ने नो लिटिगेशन पॉलिसी की घोषणा की है लेकिन किसान इससे सहमत नहीं है। किसान पिछले डेढ़ साल से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। गांव कुकड़ौला, सररावन, फजलवास, नैनवाल के किसान महापंचायत में शामिल हुए। 1128 एकड़ जमीन के ब्याज की रकम को लेकर किसानों ने रोष जताया।
महापंचायत में तय किया गया कि 24 सितंबर को मुख्यमंत्री या संबंधित विभाग के बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। किसानों ने कहा कि अब सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। महापंचायत के दौरान प्रशासन की ओर से मानेसर के तहसीलदार अजय वर्मा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया था। किसानों का कहना है कि सरकार गरीबों के साथ भेदभाव करने में लगी है। उनकी 1810 एकड़ जमीन का अधिग्रहण दीनदयाल योजना के तहत किया गया था। सरकार ने इसके लिए प्रति एकड़ 56 लाख रुपए मुआवजा तय किया था। लेकिन, उनकी जमीन का मार्केट रेट 11 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है। सरकार उन्हें सिर्फ 56 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देकर शोषण करने में लगी है।