फर्रुखनगर। मार्च के अंत में क्षेत्र के लगभग 25 प्रतिशत सरसों उत्पादक किसानों ने सरसों का स्टॉक (संग्रहण) करना शुरू कर दिया है। इसके पीछे मुख्य कारण खुले बाजार में सरसों का दाम सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर होना बता रहे हैं।
इस संबंध में भगवती चरण, रामबीर, राजेन्द्र, महेन्द्र, सुरेन्द्र, नरेश, बाबूलाल व अन्य किसानों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में सरसों के भाव और अधिक बढ़ेंगे, इसलिए वे अपनी फसल को तुरंत कम दाम पर बेचने के बजाय स्टॉक कर रहे हैं। दूसरा कारण मौसम में आए दिन खराबी भी है। उन्होंने कहा कि मंडियों में सरसों की आवक शुरू हो गई है और निजी खरीदार एमएसपी (जो ₹6200-6250 के आसपास है) से अधिक रेट पर खरीद रहे हैं। ऐसे में आगे सरसों के भाव अच्छे खासे मिलने की उम्मीद है। उम्मीद है कि इस बार सरसों 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक जाएगी। संवाद