गुरुग्राम। किसानों की मांगों के समर्थन में राजीव चौक के पास चल रहा धरना और व्यापक होता जा रहा है। किसान संगठनों ने 26 मार्च को भारत बंद को प्रभावी व सफल बनाने के लिए गांवों से लेकर शहरी इलाकों के किसानों से संपर्क शुरू कर दिया है। यह दावा संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने रविवार को किया। रविवार को किसानों ने सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष संतोख सिंह ने किसानों से कहा कि तीन काले कानूनों, निजीकरण, श्रम कानूनों, महंगाई, पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस की बढ़ी कीमतों के विरोध में 26 मार्च को भारत बंद रहेगा। किसान संगठनों ने भारत बंद को सफल बनाने के लिए किसानों से बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया हैै। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार तीनों काले कानूनों को वापस नहीं ले लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पिछले दो माह में ही बेतहाशा बढ़ गई महंगाई
बीरू सरपंच ने कहा कि वर्तमान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही है और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें पिछले 2 माह में ही बेतहाशा बढ़ गई हैं, जिससे आम आदमी के घर का बजट बिगड़ गया है। सरकार ने काले कानूनों से आवश्यक खाद्य वस्तुओं की स्टॉक लिमिट हटा दी है, जिससे जमाखोरी बढ़ेगी। पूंजीपति जमाखोरी करके अपने हिसाब से खाद्य पदार्थों को बेचेंगे तथा पूरे मार्केट पर कब्जा कर लेंगे। रविवार को धरना में उषा सरोहा, जयप्रकाश रेहडू, नवनीत रोजखोडा, अरुण शर्मा एडवोकेट, मनोज भारद्वाज, मनोज,योगेन्द्र सिंह, महा सिंह, सतीश, एसएल प्रजापति, योगेश्वर, रघुबीर सिंह, ईश्वर, आरसी हुड्डा सहित काफी संख्या में किसान व अन्य संगठनों के लोग शामिल रहे।