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किसानों ने होली पर तीन कृषि कानूनों की प्रतियां फूंकी

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गुरुग्राम। कृषि कानूनों के विरोध और उनको वापिस लेने की मांग को लेकर लगभग 4 माह से आंदोलन कर रहे किसानों ने मंगलवार को सिंघू बॉर्डर पर बैठक करके आगामी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आंदोलन कर रही किसान युनियनों के नेताओं ने भाग लिया। संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष संतोख सिंह ने बताया कि मंगलवार को दोपहर 12 से सायं 5 बजे तक किसान नेताओं की बैठक हुई, जिसमें लगभग 50 किसान नेताओं ने भाग लिया। बैठक में किसान आंदोलन को तेज करने संबंधित आगामी रणनीति पर चर्चा हुई और किसानों नेताओं से सुझाव मांगे। संतोख सिंह ने बताया कि बुधवार को फिर से बैठक होगी और किसान आंदोलन की आगामी रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले होली के दिन किसानों ने धरना स्थल पर तीन कृषि कानून की प्रतियां फूंकीं।
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गुरुग्राम के धरना में घटने लगी किसानों की संख्या
संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम द्वारा शहर के राजीव चौक के पास दिए जा रहे धरना स्थल पर पहले की बजाय अब किसानों की संख्या घटने लगी है। मंगलवार को धरना में काफी कम लोग दिखाई दिए। संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष संतोख सिंह सिंघू बॉर्डर पर बैठक में में हिस्सा लेने गए थे, ऐसे में बीरू सरपंच ने किसान आंदोलन की बागडोर संभाली। धरने में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए बीरू सरपंच ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति के बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा तथा आंदोलन को तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांग नहीं मानी जाएंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मंगलवार को जयप्रकाश, महासिंह ठाकरान, बलवान सिंह दहिया, डा.धर्मबीर राठी, अरुण शर्मा एडवोकेट आदि शामिल रहे। संतोख सिंह ने बताया कि गत दो दिन होली का त्यौहार रहा, ऐसे में कम लोग पहुंचे। वहीं वर्तमान में गेंहू की फसल की कटाई शुरू हो चुकी है तो ग्रामीण क्षेत्र के लोग खेतों में काम करने में व्यस्त हैं। जिस कारण धरना स्थल पर कम लोग बैठ रहे हैं। आगामी समय में धरना में किसानों की संख्या बढ़ेेगी।
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