फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: लिंक भेजकर रुपये ट्रांसफर कराने वाला फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़

विज्ञापन
विज्ञापन
दो महिलाओं सहित पांच आरोपी गिरफ्तार, आठ मोबाइल, चार सिम कार्ड बरामद
विज्ञापन


दिल्ली के अक्षरधाम क्षेत्र में हो रहा था संचालित

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना पश्चिम की पुलिस ने दिल्ली के अक्षरधाम क्षेत्र में बने फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दबिश देकर कॉल सेंटर से दो महिलाओं सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से आठ मोबाइल, चार सिम कार्ड और दो डायरी बरामद की हैं। जालसाज बैंक कर्मचारी बनकर व्हाट्सएप के माध्यम से लिंक भेजकर रुपये ट्रांसफर कराते थे।
आरोपियों की पहचान दिल्ली के उत्तम नगर निवासी ज्ञानेंद्र, अमर उर्फ बंटा, दिल्ली के राजा पार्क मोहन गार्डन निवासी अमन, उत्तम नगर के सी ब्लॉक निवासी अमिता, उत्तम नगर के नन्हे पार्क निवासी यासना के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी अमिता व यासना को मामले में शामिल कर अनुसंधान किया गया। वहीं, आरोपी ज्ञानेंद्र, अमर व अमन को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में पता चला कि आरोपी अमर उर्फ बंटा ने बताया कि उसके गारमेंट्स का बिजनेस में काफी नुकसान हो गया था। इसी दौरान अमर उर्फ बंटा की मुलाकात एक व्यक्ति से हुई जो क्रेडिट कार्ड रिचार्ज और अन्य फ्रॉड किया करता था। इसके बाद वह उस व्यक्ति के साथ कॉलिंग का काम करने लगा और बीते जून में उसने साइबर ठगी करने की साजिश रची।
विज्ञापन

इस काम के लिए अमर उर्फ बंटा ने ज्ञानेंद्र को भी पार्टनर बनाया। उन्होंने यासना व अमिता को लोगों के पास कॉल करने के लिए हायर किया और किराये पर एक फर्जी कॉल सेंटर चलाया। महिला आरोपी यासना व अमिता कॉल करके क्रेडिट कार्ड रिचार्ज व रिडीम करने के लिए लोगों से संपर्क करतीं। इसके बाद विश्वास में लेकर व्हाट्सएप पर लिंक भेजतीं। जैसे ही मोबाइल में काेई व्यक्ति क्लिक करता तो उसके मोबाइल का एक्सेस लेकर ओटीपी लेकर क्रेडिट कार्ड से रुपये ट्रांसफर कर लेती थीं।

आरोपी महिलाओं को 25-25 हजार रुपये मिलता था वेतन
आरोपी यासना व अमिता को 25-25 हजार रुपये वेतन मिलता था। आरोपी अमर ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उनका एक साथी उन्हें डाटा व लिंक उपलब्ध कराता था। फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से वे मोबाइल पर कॉल करके लोगों को विश्वास में लेते और उनके क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर, मोबाइल एक्सेस करके लोगों के साथ साइबर ठगी करते थे। मामले में शिकायतकर्ता से ठगी गई राशि में से उनके एक साथी ने रुपये निकालकर आरोपी अमर को 1.50 लाख रुपये दिए थे। इन 1.50 लाख रुपये में से यासना व अमिता को 10-10 हजार रुपये, आरोपी ज्ञानेंद्र को 30 हजार रुपये और बाकी एक लाख रुपये आरोपी अमर शर्मा के हिस्से आए।
विज्ञापन


मामले में तीन आरोपियों अमर शर्मा, अमन व ज्ञानेंद्र को मंगलवार को अदालत में पेश करके दो दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपियों से पूछताछ में पता चलेगा कि उन्होंने कितने लोगों से ठगी की है। ठगी में मामले में अन्य कितने आरोपी शामिल हैं, इसके बारे में भी जानकारी ली जाएगी।
- प्रियांशु दीवान, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध), गुरुग्राम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें