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अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़

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गुरुग्राम। अमेजन कंपनी का फर्जी कर्मचारी बनकर धोखाधड़ी करने के आरोप में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने छापा मारकर शुक्रवार रात को उद्योग विहार इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। टीम ने मौके से अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले सात लोगों को गिरफ्तार किया। साइबर थाना पुलिस ने शनिवार की सुबह उड़नदस्ते के अधिकारी की शिकायत पर आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। मामला दर्ज होने के बाद से कॉल सेंटर संचालक फरार है। पुलिस रविवार को आरोपियों को अदालत में पेश करेगी। पुलिस ने अब तक 16 फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के प्रभारी डीएसपी इंद्रजीत ने बताया कि सूचना मिली थी कि गुजरात का रहने वाला कोई व्यक्ति फर्जी कॉल सेंटर चला कर अमेरिका के नागरिकों के साथ ठगी कर रहा है, जिसके बाद टीम ने डीएसपी के नेतृत्व में शुक्रवार रात 12 बजे छापा मारा। मौके पर 26 लड़के व दस लड़कियां काम करते हुए मिले। टीम की ओर से कॉल सेंटर चलाने के लिए उनसे कंपनी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, डीओटी लाइसेंस, मोड ऑफ पेमेंट आदि जानकारी मांगी तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया और न ही कोई कागजात पेश किए।
इस फर्जीवाड़े में प्रयोग किए जा रहे 2 हार्ड डिस्क, 1 मोबाइल फोन टीम द्वारा आरोपियों के कब्जा से बरामद किया गया है। पुलिस ने मौके से सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। छानबीन के दौरान पता चला है कि इसका संचालक अहमदाबाद निवासी निकुंज गिरी है। उसका एक पार्टनर भी है। दोनों मौके पर नहीं मिले। इसके साथ ही तीन माह पहले इसे खोला गया था। एक अमेरिकी नागरिक से 100 से लेकर एक हजार डॉलर ऐंठ लेते थे। इनके खिलाफ साइबर थाना पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है। पुलिस आरोपियों को रविवार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेगी, जिसके बाद अन्य खुलासा किया जाएगा।
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इस तरह कर रहे थे धोखाधड़ी
आरोपी अपनी कॉलिंग टीम के साथ मिलकर कॉल जेनरेट करवाकर अमेजन कंपनी का फर्जी कर्मचारी बनकर अमेरिका मूल के नागरिकों के साथ धोखाधड़ी करके गिफ्ट कार्ड के माध्यम से राशि प्राप्त करके इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
मूलरूप से अहमदाबाद व हाल गुरुग्राम के सेक्टर-23 निवासी मुकुल सिंह चौहान, मूलरूप से अहमदाबाद व हाल गुरुग्राम सेक्टर-23 निवासी आलोक सिन्हा, मूलरूप से राजस्थान व हाल गुरुग्राम के सेक्टर-23 निवासी विजय पाल सिंह, मूलरूप से अहमदाबाद व हाल गुरुग्राम के सेक्टर-23 निवासी समीर कावले, मूलरूप से अहमदाबाद व हाल गुरुग्राम के सेक्टर-23 निवासी गौरांग शर्मा, मूलरूप से अहमदाबाद व हाल गुरुग्राम के सेक्टर-23 निवासी रवि शिरके और मूलरूप से नागालैंड व हाल गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-3 निवासी बौपंग फोम।
एक करोड़ का होता है निवेश
पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला कि इस तरह का कॉल सेंटर चलाने के लिए आरोपी लगभग एक करोड़ का निवेश करते हैं। मंहगी जगह किराये पर लेकर लोगों को नौकरी के दौरान ठगी पर आने वाले पैसे में कमीशन भी देते हैं।
60 पैसे से लेकर दस रुपये में क्लाइंट का विवरण
फर्जी कॉल सेंटर में क्लाइंट तक पहुंचने के लिए पहले से ही पूरा इंतजाम होता है। कई ऐसी साइट हैं जो पैसा लेकर इन्हें डिटेल उपलब्ध कराती है। विदेशी नागरिकों की डिटेल मंहगी होती है। 60 पैसे से लेकर दस रुपये में क्लाइंट डिटेल मिलती है।
फर्जी कॉल सेंटर की सूचना पर छापा मारा गया था। मामले का खुलासा करने के साथ ही सात लोगों को गिरफ्तार करके साइबर थाना पुलिस को सौंपा गया है। साइबर थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
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-इंद्रजीत, प्रभारी मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, गुरुग्राम
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