- फर्जी दस्तावेज से बांग्लादेशियों के आधार कार्ड बनाने मामला
- दिल्ली पुलिस ने बीते रविवार को सीएससी सेंटर संचालक को किया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिले के सुखराली गांव में बीते रविवार को सीएससी संचालक की गिरफ्तारी से हर काेई हतप्रभ है। सीएससी संचालक आशीष मेहरा पर अपने सहयोगी के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करके अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के लिए आधार कार्ड बनाने के आरोप लगे हैं। दिल्ली पुलिस सीएससी संचालक सहित अन्य आरोपियों से पूछताछ कर रही है। वहीं, गिरफ्तार आशीष के पिता का कहना है कि उनका बेटा सीएससी सेंटर पर नौकरी करता था या इसे चलाता था, इसके बारे में उन्हें कुछ नहीं पता है।
सुखराली स्थित जिस दुकान में सीएससी सेंटर चल रहा है, उसके मालिक व सीएससी संचालक के पिता उसको बेकसूर बता रहे हैं। उनका कहना है कि इस सीएससी सेंटर को पहले कोई अन्य व्यक्ति चलाते थे। गिरफ्तार किया गया युवक लगभग डेढ़-दो साल पहले ही यहां पर काम कर रहा है। दिल्ली पुलिस हर बिंदु से जांच कर रही है।
दुकान मालिक ने बताया कि बीते रविवार को दिल्ली पुलिस दुकान पर आई थी और सीएससी संचालक आशीष मेहरा से कुछ दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराकर उसको अपने साथ ले गई। दुकान मालिक ने बताया कि फर्जी दस्तावेज पर आधार कार्ड बनाने का मामला लगभग तीन साल पुराना है। यहां पर पहले नूंह (मेवात) क्षेत्र के दो युवक सीएससी सेंटर चल रहे थे। जबकि दिल्ली पुलिस की ओर से गिरफ्तार किया गया आशीष मेहरा लगभग डेढ़-दो साल पहले ही यहां पर काम करने लगा था। दुकान मालिक ने बताया कि लगभग तीन साल पहले उनकी माता ने यह दुकान किराए पर दी थी। अब उनकी माता की मृत्यु हो चुकी है तो उन्हें जानकारी नहीं है कि जिन युवकों ने उनकी माता से दुकान किराये पर ली थी, उनसे पहचान के तौर पर कोई दस्तावेज लिया था या नहीं।
मूल रूप से जिला जींद के रहने वाले आशीष के पिता का कहना है कि वह बीते 20 वर्षों से गुरुग्राम में किराए पर रहते हैं। बीते रविवार को उनके बेटे की गिरफ्तार के बाद कॉल आई थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने लगभग डेढ़-दो साल पहले सीएससी सेंटर पर काम करना शुरु किया था। उसके बेटे का एक दोस्त उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निवासी युवक के साथ आधार कार्ड बनाने का कार्य करता था।