गुरुग्राम। जिले में बेकाबू हो चुके कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से भले ही तमाम कवायदें की जा रही हों लेकिन लोग इसका पालन नहीं कर रहे। स्थिति यह है कि जिले के प्रमुख प्रशासनिक कार्यालय लघु सचिवालय, नगर निगम कार्यालय समेत सार्वजनिक जगहों पर ही कोरोना से बचाव के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में लोगों को अब सचेत हो जाना चाहिए।
हद तो यह है कि सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीज व उनके तीमारदार तक कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं कर रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी इसको लेकर कोई सख्ती नहीं की जा रही है। दो दिन पहले ही जिला उपायुक्त ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की बैठक कर बिना मास्क वालों के रोजाना 1 हजार से ज्यादा चालान करने का लक्ष्य दिया था लेकिन लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। कोरोना के रफ्तार पकड़ने के बाद आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले करीब 40 दिनों में ही जिले में सक्रिय मरीजों का अनुपात करीब 7 फीसदी से ज्यादा बढ़ गया है।
सात फीसदी हुए सक्रिय मरीज
28 फरवरी को जिले में कोरोना के महज 0.57 फीसदी सक्रिय मरीज थे लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़कर 7.15 फीसदी पर पहुंच गया है। 28 फरवरी को जिले में कोरोना के महज 338 सक्रिय मरीज थे लेकिन अब यह संख्या 4500 के पार है। एक तरफ जहां रोजाना कोरोना के सैकड़ों मरीज आ रहे हैं तो वहीं सक्रिय मरीजों की निगरानी के लिए प्रशासन पहले की तरह अब तक कोई मजबूत योजना नहीं बना सका है। इसके चलते एक-दूसरे के जरिए संक्रमण और बढ़ने की आशंका है। हालांकि, मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पिछले दिनों प्रशासन ने कई इलाकों को कंटेनमेंट जोन में शामिल कर दिया था। वहीं, अधिकारियों की अलग-अलग समितियां भी बनाई गई हैं और इन्हें संक्रमण रोकथाम का जिम्मा सौंपा गया है।